आज के प्रतिभागी बेहद कॉन्फिडेंट

आज के प्रतिभागी बेहद कॉन्फिडेंट

टीवी पर इन दिनों सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामा में सोना महापात्रा और वाजिद खान के साथ एक और युवा जज नजर आ रहा है। यह शेखर रावजियानी हैं, जो इस मंच पर आकर बेहद उत्साहित हैं। एक हल्की-फुल्की चर्चा के दौरान शेखर रावजियानी ने अपने अनुभव साझा किए।

प्रतिभागी से होकर जज तक का सफर

मेरा कॅरिअर सा रे गा मा पा से पहले शुरू हो गया था। मैं विज्ञापनों के लिए गाता था। जब शो खत्म होने को आया, तब मैं 5 अंकों से पीछे था और इसलिए ट्रॉफी नहीं जीत सका। मैंने इसके लिए खूब मेहनत की थी। उस दिन मैंने यह ठान लिया था कि भले ही मैंने इस शो में जीत हासिल नहीं की है, लेकिन मैं इस शो में जज बनकर जरूर वापस आऊंगा।

अब भी है जरूरत

जब मैंने अपना संगीत करिअर शुरू किया, तब बहुत कम अवसर उपलब्ध थे। लेकिन आज के समय में बहुत सारे अवसर हैं और तमाम चैनलों पर एक से बढ़कर एक टैलेंट शो चल रहे हैं। हालांकि मैं अब भी यह महसूस करता हूं कि सिर्फ इतने टैलेंट हंट सिंगिंग रियलिटी शोज काफी नहीं हैं। आज भी छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले बहुत-से गायक संघर्ष कर रहे हैं ।

जजों के बीच मतभेद

हम सभी एक-दूसरे को पिछले कुछ साल से जानते हैं और सभी की संगीत को लेकर अपनी-अपनी पसंद है। हम लोग एक-दूसरे के चेहरे देखकर ही एक दूसरे की राय जान लेते हैं।

पार्टिसिपेंट के लिए मैसेज

मैं हमेशा उनसे एक बात कहता हूं कि वे कभी अपनी उम्मीद न हारें और मेहनत करते रहें। मैं उन्हें ज्यादा से ज्यादा सीखने की सलाह भी देता हूं और उनसे कहता हूं कि वे जीवनभर विद्यार्थी की तरह बने रहें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती और हमें लगातार मेहनत करते रहना चाहिए ।

इतने वर्षों में इस शो में क्या बदलाव देखे हैं?

आज के प्रतिभागी बेहद कॉन्फिडेंट हैं और वो पूरी तैयारी के साथ आते हैं। वे न सिर्फ सुर और ताल में गाते हैं बल्कि गाने की भावना को भी बड़ी खूबसूरती से व्यक्त करते हैं। मेरा यह भी मानना है कि सोशल मीडिया आने के बाद लोग कैमरे के सामने ज्यादा सहज हो गए हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। डिजिटल युग उनके लिए वरदान साबित हो रहा है।