इकट्ठा तीस दिन का चालान काट दो, कांग्रेस का पंजा नहीं हटाऊंगा

इकट्ठा तीस दिन का चालान काट दो, कांग्रेस का पंजा नहीं हटाऊंगा

ग्वालियर  । 15 साल बाद कांग्रेस आई है, इसलिए नंबर प्लेट से कांगे्रस का पंजा किसी कीमत पर नहीं हटाऊंगा, चाहे 30 दिन का इकट्ठा चालान काट दो। यह बात कार क्रमांक एमपी07सीई3459 के चालक मनीष अग्रवाल ने परिवहन अधिकारियों से कही। कार की आगे की नंबर प्लेट के नंबर निकले हुए थे और पीछे की नंबर प्लेट पर कांग्रेस ई लिखा हुआ और पंजे के निशान बना हुआ था। सिटी सेंटर चौराहे पर सोमवार को परिवहन विभाग ने कारों पर की नियम विरूद्ध लगी नंबर प्लेट और हूटर को लेकर कार्रवाई की। टीएसआई जयदीप पुंगलिया ने मनीष अग्रवाल से कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा कुछ भी नहीं होना चाहिए, लेकिन आपने तो कांग्रेस का पंजा और कांगे्रस ई लिख रखा है। यह सुनते ही चालक ने कहा कि नंबर सही नहीं होने पर भले ही चालान काट दो मगर कांग्रेस का पंजा हटाने की बात मत करो। नंबर प्लेट से पंजा किसी कीमत पर नहीं हटाऊंगा भले ही एक दिन के बजाए पूरे महीने भर का चालान काट दो। चालक ने विधायक मुन्नालाल गोयल को फोन लगाया और चालान काटे जाने की जानकारी दी, लेकिन बात नहीं। चालक को अंत में चालान कटाना ही पड़ा। परिवहन आरक्षकों ने नंबर प्लेट भी निकाल ली। अमले ने 13 कारों पर कार्रवाई करके 6500 रुपए राजस्व वसूला। छात्र हंू 300 रुपए ले लोे, 200 का डिस्काउंट दे दो परिवहन आरक्षकों ने कार एमपी07सीडी4252 की फ्रंट पर नंबर प्लेट के बजाए स्विμट लिखा होने कार रोक ली। कार चालक इन्द्रपाल ने कहा कि स्विμट तो कार एजेंसी ने लिखकर दिया है, इसमें मेरी क्या गलती है, मैं चालान नहीं कटाऊंगा। टीएसआई ने कहा कि चालान तो कटाना पड़ेगा नहीं तो गाड़ी जब्त कर थाने भिजवा देंगे और क्रेन का पैसा भी देना पड़ेगा। इन्द्रपाल ने कुछ देर बाद खड़ा रहने के बाद आरक्षकों से कहा कि उसने संविदा शिक्षक वर्ग-2 के लिए आवेदन किया है, जिसकी परीक्षा 28 फरवरी को भोपाल में है, परीक्षा की तैयारी करनी है, इसलिए उसे जाने दिया जाए मगर आरक्षकों ने कहा कि चालान तो कटाना पड़ेगा। आरक्षक नहीं माने तो इन्द्रपाल ने 300 रुपए देते हुए कहा कि छात्र हूं, 200 रुपए डिस्काउंट दे दो। इस पर आरक्षक ने कहा कि यहां सब्जी थोड़ी बिक रही है तो रेट कम कर लें। एक घंटा खड़ा रहने के इन्द्रपाल ने 500 रुपए देकर चालान कटाया।