कुंभ का तीसरा शाही स्नान आज, 3 डुबकी दिलाएंगी पूर्ण कुंभ का पुण्य

कुंभ का तीसरा शाही स्नान आज, 3 डुबकी दिलाएंगी पूर्ण कुंभ का पुण्य

प्रयागराज। कुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों में बसंत पंचमी तीसरा शाही स्नान पर्व अपने आप में विशेष महत्वपूर्ण है। संगम के अक्षय क्षेत्र पर बसंत पंचमी के दिन स्नान, ध्यान, जप, तप, पूजा, पाठ, दान, पुण्य का विशेष महत्व होता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रयाग में सरस्वती अदृश्य रूप से विद्यमान हैं, यहां स्नान करने से सरस्वती के जितने जलकण स्नान के समय शरीर को स्पर्श करते हैं उतने ही समय तक मनुष्य स्वर्ग में वास करता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या के बाद तीसरे शाही स्नान बसंत पंचमी पर भी त्रिवेणी स्नान करता है, उसे पूर्ण कुंभ का फल मिलता है। बसंत पंचमी के पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में 10 बजकर 09 मिनट तक विशेष मुहूर्त में गणपति तथा सरस्वती का पूजन कर त्रिवेणी संगम में विद्यमान अदृश्य सरस्वती, गंगा एवं यमुना सहित तीर्थराज प्रयाग का स्मरण कर डुबकी लगाने वाला व्यक्ति महापुण्य का भागी बनता है। यहां चल रहे आस्था के पर्व कुंभ में कल यानी रविवार को बसंत पंचमी के दिन तीसरे शाही स्नान में कम से कम दो करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है।

60 लाख से अधिक लोगों ने लगाई डुबकी

कुंभ मेले के तीसरे और अंतिम शाही स्नान बसंत पंचमी पर्व पर शनिवार को सुबह आठ बजे से ही श्रद्धालुओं ने स्नान करना शुरू कर दिया और शाम चार बजे तक 60 लाख से अधिक लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। वहीं राज्य के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने बताया कि पूरे क्षेत्र को नौ जोन और 20 सेक्टरों में बांटा गया है। इनकी सुरक्षा में 20,000 पुलिसकर्मियों, 6000 होमगार्ड तैनात किए गए हैं।