क्या हैं 'मैग्नेटिक हिल'?

क्या हैं 'मैग्नेटिक हिल'?

लेह। भारतीय भूमि चमत्कार और आश्चर्यों से भरी है। भारत में ऐसी जगहें है कि लोग अपनी दांतों तले आंगुलियां दबाने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसा ही एक भारतीय अजूबा है जम्मू-कश्मीर की लेह सीमा में स्थित एक चमत्कारिक पहाड़ी का जिसे लोग मैग्नेटिक हिल कहते हैं।
जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के लेह में एक ऐसी पहाड़ी है जिसे मैग्नेटिक हिल के नाम से जाना जाता है। सामान्यतौर पर पहाड़ी के फिसलन पर वाहन को गियर में डालकर खड़ा किया जाता है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो वाहन नीचे की ओर लुढ़ककर खाई में गिर सकता है लेकिन इस मैग्नेटिक हिल पर वाहन को न्यूट्रल करने खड़ा कर दिया जाए तब भी यह नीचे की और नहीं जाता।
आश्चर्य तो तब होता है जबकि वाहन नीचे की ओर नहीं जाकर खुद ब खुद उपर की ओर जाने लगता है। यही तो इस पहाड़ी का चमत्कार है कि वाहन लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर की ओर चढ़ने लगता है।
दूसरा चमत्कार यह कि न सिर्फ गाड़ियां बल्कि आसमान से उड़ने वाले जहाज भी इस पहाड़ी के गुरुत्वाकर्षण से बच नहीं सकते। कोई इसे गुरुत्वाकर्षण शक्ति कहते हैं तो कुछ इसे सिर्फ एक भ्रम मानते हैं लेकिन अब तक इस पहाड़ी का रहस्य सुलझाया नहीं जा सका है।
वैज्ञानिकों अनुसार गुरुद्वारा पठार साहिब के निकट स्थित इस हिल में गजब की चुंबकीय ताकत है। यही नहीं इसका मैग्नेटिक फील्ड भी काफी बड़े क्षेत्र तक प्रभावित करता है। यदि इस हिल की चुंबकीय ताकत का परीक्षण करना हो तो किसी वाहन के इंजन को बंद करके वहां खड़ा कर दें, वह बंद वाहन धीरे-धीरे पहाड़ी की चोटी की ओर स्वत: ही खिसकना शुरू कर देता है।
इस मैग्नेटिक हिल से होकर विमान उड़ा चुके कई पायलटों का दावा है कि इस हिल के ऊपर से विमान के गुजरते वक्त उसमें हल्के झटके महसूस किए जा सकते हैं, इसी लिए जानकार पायलट इस क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही विमान की गति बढ़ा लेते हैं ताकि विमान को हिल के चुंबकीय प्रभाव से बचाया जा सके।

इस मैग्नेटिक हिल से होकर विमान उड़ा चुके कई पायलटों का दावा है कि इस हिल के ऊपर से विमान के गुजरते वक्त उसमें हल्के झटके महसूस किए जा सकते हैं, इसीलिए जानकार पायलट इस क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही विमान की गति बढ़ा लेते हैं ताकि विमान को हिल के चुंबकीय प्रभाव से बचाया जा सके।