किराएदार के मकान गिराए, दुकान छोड़ी तो हंगामा, बहस के बाद दो दुकानें तोड़ीं

किराएदार के मकान गिराए, दुकान छोड़ी तो हंगामा, बहस के बाद दो दुकानें तोड़ीं

इंदौर। निगम जर्जर मकानों को जमींदोज करने में भेदभाव कर रहा है। ये बात उस समय सामने आई, जब नंदलालपुरा में एक किराएदार का मकान तो गिरा दिया, पर एक दुकान को छोड़ दिया गया। इसी बात को लेकर हंगामा मच गया। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप भी सामने आया है। मकान मालिक विष्णु सुगंधी को रविवार रात ही नोटिस दिया था और सुबह अमले ने सामान उठाने तक का मौका नहीं दिया। निगम के रिमूव्हल विभाग ने नंदलालपुरा में मुहिम चलाकर दो जर्जर मकानों को सोमवार को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक व निगम अमले के बीच विवाद भी हुआ। करीब चार घंटे चली कार्रवाई के बाद अंतत: एक दुकान छोड़ दी। नंदलालपुरा में तीन मंजिला मकान नंबर 111 व 112 को जमींदोज किया गया। इसमें 111 में कुछ किराएदार थे, जबकि 112 पूरी तरह खाली पड़ा था। 111 को जेसीबी के पंजे से ध्वस्त किया गया। 

निगमायुक्त ने दिए थे आदेश

करीब दो माह पहले छावनी में एक कांग्रेस नेता का जर्जर मकान का कुछ हिस्सा गिर गया था। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी को चोट आई थी। बाद में सम्पूर्ण मकान को गिराते हुए निगमायुक्त आशीष सिंह ने कहा था कि शहरभर के जर्जर मकानों को गिराया जाएगा। उनके आदेश के दो माह बाद अब जाकर निगम ने सुध ली। 

80 साल पुराना था खतरनाक घोषित किया गया मकान

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मकान 80 साल पुराना होने से खतरनाक घोषित कर दिया गया था। अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाले चल समारोह के दौरान निगम हर साल यहां खतरनाक मकान का बोर्ड लगाता है। निगम की कार्रवाई के दौरान वहां रहने वाली महिला भगवती भिलवारे अपना आशियाना उजड़ने से रोने लगी। महिला का कहना था कि कार्रवाई के पहले सामान निकाले जाने का समय तक नहीं दिया गया। भगवतीबाई 30 साल से यहां दो कमरे में रह रही थी। बेदखली के बाद वह द्वारकापुरी रहने चली गई है। तीन मंजिला भवन को तोड़ते समय नीचे एक नारियल दुकान थी। दुकानदार का कहना था कि इससे मेरा परिवार चलता है। जब अमले ने नहीं सुनी तो एक कांग्रेसी नेता ने हस्तक्षेप किया, तब निगम अमला पीछे हटा और दुकान छोड़कर चला गया। 

चार घंटे चली कार्रवाई

निगम का अमला सुबह 11 बजे मौके पर पहुंच गया था। करीब 4 घंटे चली निर्विघ्न कार्रवाई के दौरान नंदलालपुरा चौराहा से लेकर वीर सावरकर मार्केट मार्ग को बंद कर दिया था, जिससे दोनों मार्गों का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालक परिवर्तित मार्गों से निकले। कार्रवाई में बाधक बन रही बिजली की एलटी लाइन को भी हटाया गया। लाइन हटाने कंपनी के कर्मचारी विलंब से पहुंचे। इसके कारण भी मुहिम प्रभावित हुई। 

वर्जन.....

दोनों मकान जर्जर थे। मकान खाली करने के नोटिस देने के बाद कार्रवाई की है। कार्रवाई ेक दौरान किराएदारों ने विवाद किया था। नारियल की दुकान को कुछ दिन के लिए बख्श दिया है, उसे भी तोड़ दिया जाएगा। - वीरेन्द्र उपाध्याय, सहायक रिमूव्हल अधिकारी, नगर निगम।