कोर्ट ने पूछा- सरकारी अफसर क्यों कर रहे हैं मंदिरों का प्रबंधन

कोर्ट ने पूछा- सरकारी अफसर क्यों कर रहे हैं मंदिरों का प्रबंधन

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पुरी में जगन्नाथ मंदिर में अनेक श्रद्धालुओं को परेशान किये जाने के तथ्य का संज्ञान लेते हुये सोमवार को जानना चाहा कि देश में धार्मिक स्थलों और मंदिरों का प्रबंध सरकारी अधिकारियों को क्यों करना चाहिए। न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने जगन्नाथ मंदिर में श्रृद्धालुओं को होने वाली परेशानियों और उन्हें 'सेवकों' (कर्मचारियों) द्वारा हैरान परेशान करने तथा उनका शोषण करने के तथ्यों का उजागर करते हुये दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की, यह नजरिये का मामला है। मै नहीं जानता कि मंदिरों का प्रबंधन सरकारी अधिकारियों को क्यों करना चाहिए? तमिलनाडु में मूर्तियों की चोरी होती है। धार्मिक भावनाओं के अलावा ये मूर्तियां अनमोल हैं।

अगले माह होगी सुनवाई

पीठ ने टिप्पणी की, कई कारणों से लोग (मंदिर आने वाले) परेशान होते हैं। पुजारी उन्हें नियंत्रित करते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को न्यायालय को बताना चाहिए कि इस मामले में पुरी के जिला न्यायाधीश की रिपोर्ट पर उसने क्या कदम उठाये हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले में अगले महीने सुनवाई की जायेगी।