कृषक मित्रों को सरकार देगी 12 हजार रुपए सालाना, सिखाएंगे खेती के गुर

कृषक मित्रों को सरकार देगी 12 हजार रुपए सालाना, सिखाएंगे खेती के गुर

भोपाल।    राज्य सरकार दो गांव के लिए एक कृषक मित्र नियुक्त करने जा रही है। वर्तमान में इन्हें मानदेय के रूप में मात्र 6 हजार रुपए सरकार उपलब्ध कराती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने भी आत्मा प्रोजेक्ट के तहत 50 फीसदी राशि देने का निर्णय लिया है और इससे प्रत्येक कृषक मित्र को 12 हजार रुपए साल के मिलने लगेंगे। कृषक मित्र किसानों को उन्नत खेती करने के गुर सिखाएंगे और जरूरत पड़ने पर किसानों को अन्य स्थानों पर भी ले जाएंगे, जिससे मप्र के किसान हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर खेती कर अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ा सकेंगे। प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों द्वारा बोई गई फसलों के दाम चार गुना तक बढ़ाने का वादा जनता से किया था। इसी कड़ी में प्रदेश के 56 हजार गांवों में कृषक मित्र बनाने का टारगेट रखा गया था, लेकिन इस कार्य में उतनी गति नहीं मिल सकी और 24 हजार 107 ही कृषक मित्र बनाए जा सकें। इस कार्यक्रम को भारत सरकार ने विस्तार सुधार कार्यक्रम सबमिशन आॅन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मा नाम दिया था, जिसके तहत कृषक मित्र घटक का गठन किया जाना था। खासकर कृषि विस्तार तंत्र को मजबूत करने के लिए ही केंद्र सरकार ने एक कृषक मित्र की नियुक्ति की जानी थी।

यह अपनाई गई नियुक्ति की प्रक्रिया

प्रत्येक दो आबाद गांव पर एक कृषक मित्र का चयन करने 26 जनवरी को आयोजित होने वाली ग्रामसभा में प्रत्येक गांव के तीन कृषकों के नाम ग्रामसभा से अनुमोदित कराया जाकर जिला स्तर पर दो आबाद गांव पर एक प्रगतिशील किसान मित्र को आत्मा गवर्निंग बोर्ड से अनुमोदन उपरांत चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाती है। इनका चयन कलेक्टर सह अध्यक्ष आत्मा गवर्निंग बोर्ड द्वारा विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में सीईओ जनपद, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ब्लाक तकनीकी प्रबंधक की समिति ग्राम पंचायतों से प्रस्तावित नामों के आधार पर करेगी।