गुर्जर आंदोलन से ट्रेनें रद्द, शादी-ब्याह, परीक्षा देने जाने वालों की हुई फजीहत

गुर्जर आंदोलन से ट्रेनें रद्द, शादी-ब्याह, परीक्षा देने जाने वालों की हुई फजीहत

इंदौर। इंदौर से फरीदाबाद जाकर पत्नी की बीएड की परीक्षा दिलाने के लिए तीन महीने पहले आरक्षण कराया था। गुर्जर आंदोलन के चलते ट्रेनें निरस्त कर दी गर्इं। अब अचानक फरीदाबाद जाने के लिए टैक्सी या वॉल्वो बसों का सहारा लेना होगा। जेब को तीन से पांच हजार की चपत लगी है। अब इसका भुगतान न तो रेलवे करेगा और न आंदोलनकारी। यही गुहार इंदौर से जयपुर, दिल्ली, आगरा जाने वाले हर मुसाफिर ने लगाई है। ट्रेनें निरस्त करने के बाद रेलवे ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। रेलवे ने ट्रेनें निरस्त होने का संदेश तक मुसाफिरों को नहीं दिया। 

निजी बस संचालकों ने रेट मे किया इजाफा

राजस्थान में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। आंदोलनकारी दिल्ली- मुंबई रेल मार्ग पर पटरियों पर बैठे हैं, जिससे कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। ट्रेनों के निरस्त होने से बस संचालक, टेÑवल्स वाले चांदी काट रहे हैं। कई बस संचालकों और टेÑवल्स ने दिल्ली, राजस्थान सहित मुंबई रूट पर जाने वाली गाड़ियों का किराया बढ़ा दिया है। दूसरा विकल्प न होने के कारण यात्री मजबूरी में अधिक किराया देकर सफर कर रहे हैं। 

पहला मामला

पत्नी का 13 फरवरी को बीएड का पेपर है। फरीदाबाद के लिए एक दिन पहले ही इंदौर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस ट्रेन में तत्काल का रिजर्वेशन कराया था, लेकिन आज ही स्टेशन पर आकर पता चला कि ट्रेन निरस्त हो गई है। रेलवे से काई जानकारी भी नहीं मिली। अब समस्या यही है कि जाएं कैसे। अब दूसरी ट्रेन का रिजर्वेशन या बस का किराया इस ट्रेन के मुकाबले महंगा पडेÞगा।