चेंज रूम:एक मन की बात, कहो और सुनो

चेंज रूम:एक मन की बात, कहो और सुनो

आईएम भोपाल। एक आम आदमी, एक स्टूडेंट, एक युवा। हर उम्र और वर्ग के इंसान के मन में बहुत सारी भावनाएं और बहुत सारी बातें होती है। हर कोई चाहता है कि उसकी बात कोई सुने, उसकी बात को कोई समझे, या उसके साथ जो भी अच्छा-बुरा हुआ है वह किसी से शेयर कर सके, क्योंकि हर इंसान अपनी बात अपनी फैमिली या पैरेंट्स से शेयर नहीं सकता। ऐसे ही लोगों का प्लेटफॉर्म है चेंज रूम... यह खास कंसेप्ट इजाद किया भोपाल की विजुअल आर्टिस्ट बारान इजलाल ने। भोपाल की रहने वाली बारान इन दिनों दिल्ली में रहती हैं। चेंज रूम के इस कंसेप्ट को बारान देश के तीन खास शहर अहमदाबाद, कोलकत्ता और भोपाल इंस्टॉल कर चुकी हैं। वैसे इसको कहीं भी इंस्टॉल किया जा सकता है।

क्या है चेंज रूम...

चेंज रूम जहां भी होगा वहां एक काला पर्दा दिखेगा, जहां लिखा होगा चेंज रूम जैसे ही आप काला पर्दा हटाकर अंदर जाते हैं तो वहां एक अलग ही दुनिया नजर आती है। स्पीकर और हेडफोन पर एक साथ कई आवाजें सुनाई देती हैं लेकिन जैसे ही कोई इनमें से एक हेडफोन पहनता है तो उसे हिंदी या अंग्रेजी भाषा में कोई शख्स अपनी कहानी बयां करते हुए सुनाई देता है। इन कहानियों को कोई भी इंसान सुन सकता है। इस बारे में बात करते हुए बारान बताती हैं कि साउंड इस्पीरेशन के काम से जुड़ी रही हूं, साउंड में पॉसिबिलिटीज हैं। इसमें इसमें कोई इमेज नहीं है। आप अपनी नाम या पहचान भी छुपा सकते हैं। यहां सिर्फ आप ही होते हैं बोलने वाले, मैं सिर्फ सुनती हूं।

एक मजदूर का दर्द

इस दौरान एक मजदूर ने अपने शोषण की कहानी सुनाई और बताया कि उसको एक शहर से दूसरे शहर तक जाने में तो दिक्कतों का सामना करना ही पढ़ता है और उसने बताया कि जब हम एक बिल्डिंग तैयार कर देते हैं तो वहां हमारा जाना ही प्रतिबंधित होता है। यह मन में एक अजीब सी व्यथा है। जगह जगह हमारा शोषण होता है हर एक बिंदु पर उस मजदूर ने अपनी बात को इस चेंज रूम में रखा।

40 साल की उम्र में दोबारा शुरू की जिंदगी

अफगानिस्तान की रहने वाली एक महिला ने बताया कि वहां की परेशानियों के चलते उन्होंने भारत में रिफ्यूजी के लिए अप्लाई किया तो उन्हें यहां आना पड़ा, उन्होनें बताया कि यहां तो हम सिर्फ एक बेग लेकर आते हैं। मैंने चालीस साल की उम्र के बाद दोबारा फिर से अपनी जिंदगी को शुरू किया।

एलजीबीटी कम्युनिटी के लड़के का दर्द

इन सभी कहानियों में एक एलजीबीटी कम्युनिटी के एक लड़के ने भी इस चेंज रूम में अपनी कहानी को रखा। जिसमें उसने बताया कि समाज में उसे क्या क्या फेस करना होता है। लोग उसे किस नजर से देखते हैं, बदलते हुए इस दौर में भी उसको आज भी कई तरह की ऐसी परेशानियों से जूझना पड़ता है जो हैं ही नहीं।

40 कहानियां कर चुकी रिकॉर्ड

भोपाल के सेंट जोसफ से स्कूलिंग और सेफिया कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरी करने वाली बारान बताती हैं कि इसका आईडिया अप्रैल 2018 में आया और तभी मैंने रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। अब तक 40 से अधिक लोगों की रिकॉर्डिंग की है। इस दौरान मुझे कई ऐसे लोग मिले जिनकी कहानी की मैं अकेली ही विटनेस हूं। इसकी खासियत यह है कि यहां लोग अपने मन की बात कह सभी सकते हैं और किसी की कहानी को सुन भी सकते हैं।

ऐसे जुड़ सकते हैं

जहां भी इस चेंज रूम को इंस्टॉल किया जाता है उसका प्रचार पहले से ही हो जाता है, इसके बाद भी आप अपने मन की बात कहना या किसी की कहानी को सुनना चाहते हैं तो changeroom@protonmail.com पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।