जलवायु परिवर्तन व धुव्रीय भंवर से लम्बा हुआ ठंड का सीजन!

जलवायु परिवर्तन व धुव्रीय भंवर से लम्बा हुआ ठंड का सीजन!

जबलपुर। इस वर्ष ठंड का सीजन बीते वर्ष की तुलना में कहीं अधिक लंबा हो चला है। ठंड एक बार लौट कर आ गई है। उत्तरी हवाओं से जबलपुर सहित समूचा पूर्वी मध्य प्रदेश एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश जबरदस्त ठंड की चपेत में आ गया है। शनिवार को दिन में जोरदार ठंडी हवाएं चलती रही है। शहर में 8 किलोमीटर प्रतिघंटे की रμतार से उत्तरी हवाओं के चलले से शहर शीतलहर की चपेट में रहा। मौसम विशेषज्ञों मुताबिक धुर्वीय भंवर (पोलर वर्टेक्स ) की वजह से उत्तरी गोलाार्द्ध में ठंड का विस्फोट हुआ है। इससे जहां उत्तरी पूर्वी अमेरिका, यूरोप, साइबेरिया तथा एशिया के बहुत बड़े इलाके जबरदस्त तरीके से बर्फ से ठंके है। एशिया में जहां हिमालय के उत्तर में साइबेरिया में ठंड लम्बी हो गई है। इससे हिमालय का उत्तरी इलाका जबरदस्त ठंड के प्रभाव में है,वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से भारतीय उपमहाद्वीप के हिमालयी इलाके जम्मू कश्मीर, हिमालचल प्रदेश में बार बार बर्फबारी की हो रही है। हवा का पैटर्न बदलने से उत्तरी हवाओं से मध्य प्रदेश सहित मैदानी इलाके ठंड की चपेट में आ रहे है और ठंड का सीजन लंबा हो गया है।

फिर आएगा विक्षोभ

मौसम विभाग के अनुसार पिछले दिनों विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। इस विक्षोभ का प्रभाव कम होते होते फिर 13 फरवरी से एक विक्षोभ दस्तक देगा जिससे ठंड अपनी असर बनाए रखेगी।

रहा शीतलहर का प्रकोप

जबलपुर में 8 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दिन में उत्तरी हवाएं चलीं जिससे शीत लहर का असर रहा। पारा सामान्य तापमान से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। नगर का न्यूनतम तापमान21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता सुबह 50 एवं शाम को 25 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज किया गया।

जलवायु परिवर्तन है वजह: नायक

मौसम वैज्ञानिक दिलीप नायक के मुताबिक उत्तरी गोलार्द्ध में धुर्वीय भंवर का असर है लेकिन साइबेरिया की हवा से भारत के मैदानी इलाकों को हिमालय बचाए हुए है। मध्य प्रदेश सहित भारत के मैदानी इलाकों में ठंड लम्बी खिंचने की वजह जलवायु परिवर्तन है। इस जलवायु परिवर्तन के अनेक कारण है जिसमें ग्लोबल वार्मिंग मुख्य वजह है। इस सीजन में अलनीनो इफैक्टर भी पड़ा है। एक पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद दूसरा पहुंच रहा है जिससे बर्फबारी का सिलसिला हिमालय के तराई इलाकों में लगातार जारी है। े बाद बर्फ पिघल नहीं पाती है और फिर बर्फबारी शुरू हो जाती है। इस वजह से ठंड लम्बी खिंच रही है।