ट्रंप की दो टूक: ईरान का भविष्य चाहते हैं, लेकिन आंख दिखाई तो मिटा देंगे

ट्रंप की दो टूक: ईरान का भविष्य चाहते हैं, लेकिन आंख दिखाई तो मिटा देंगे

वॉशिंगटन/बगदाद। ईरान ने अपने कमांडर जनरल सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए बुधवार तड़के इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ कई मिसाइलें दागीं। उसने दावा किया कि 22 बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले में अमेरिका के 80 सैनिक मारे गए। हालांकि, कुछ देर बाद ही अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया। हमले के कई घंटों बाद बुधवार रात करीब 10 बजे (भारतीय समयानुसार) ट्रंप ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमने आतंकी कासिम सुलेमानी का सफाया इसलिए किया क्योंकि वह अमेरिका पर एयर स्ट्राइक की साजिश रच रहा था। अमेरिका इसी तरह से उन सभी ताकतों को मिटा देगा, जो उसकी तरफ आंख दिखाने की जुर्रत करेंगी। हालांकि आखिर में उन्होंने नरमी भी दिखाई। कहा कि हम ईरान का एक भविष्य देखते हैं, जिसमें शांति हो। लेकिन इसके लिए उन्हें आतंकवाद को पनाह देना और परमाणु ताकत बनने का सपना देखना छोड़ना होगा।

भारत ने इराक जाने वालों के लिए ट्रैवल वॉर्निंग जारी की

भारत ने इराक जाने वाले नागरिकों के लिए ट्रैवल वॉर्निंग जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर जरूरी न हो तो भारतीय इराक न जाएं। विदेश मंत्रालय ने इराक के भारतीयों को सतर्क रहने को कहा है।

अमेरिका ने ईरान - इराक के ऊपर से बंद की विमान सेवा

अमेरिका की फेडरल एविएशन कमीशन ने ईरान, इराक और ओमान की खाड़ी की तरफ जाने वाले यात्री विमानों के लिए नोटाम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किए हैं। इसके तहत इन क्षेत्रों से विमान नहीं गुजरेंगे।

ईरान ने कहा - 100 ठिकाने अभी भी हमारे निशाने पर

ईरान स्टेट टीवी ने रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से कहा गया ईरान के निशाने पर अभी 100 अमेरिकी ठिकाने और हैं। अगर अमेरिका ने पलटवार की कोशिश की, तो वह इन ठिकानों पर हमला करेगा।

300 किमी तक मार वाली मिसाइलें इस्तेमाल कीं

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी बेसों पर हमले के लिए फतेह-313 मिसाइलें इस्तेमाल कीं। यह जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें हैं। इनकी रेंज 300 किमी. तक है।

आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम से बचे सैनिक

आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम की बदौलत सैनिकों को पहले ही मिसाइल हमले की चेतावनी मिल गई थी, जिससे वे अपने बंकर में जाकर छिप गए। एक अधिकारी ने बताया कि अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के जरिये सैनिकों को खतरे को लेकर अलर्ट कर दिया गया था। दरअसल, अमेरिका के मेरीलैंड स्थित फोर्ट मेड बेस पर मिसाइलों की लॉन्चिंग को लेकर रियल टाइम में सूचनाएं इकट्ठा की जाती हैं। जब मिसाइलें 600 मील दूर थीं, तभी सैनिकों को वॉर्निंग मिल गई थी और वे अपने-अपने बंकरों में जा छिपे। इससे बेस पर थोड़ा-बहुत ही नुकसान हुआ।