दिवंगत एसपी ने की अनोखी वसीयत, दिया समरसता का संदेश

दिवंगत एसपी ने की अनोखी वसीयत, दिया समरसता का संदेश

ग्वालियर। कोई भी इंसान जाति और धर्म से बड़ा नहीं होता। इंसान उसकी सोच से बड़ा बनता है। इसका प्रमाण हैं दिवंगत पुलिस अधीक्षक अब्दुल खालिक अंसारी। अशोकनगर जिले के मुंगावली निवासी स्व. अंसारी ने जन्नतनशीन होने के बाद भी समाज और राष्ट्र को अपनी वसीयत के माध्यम से सकारात्मक सोच का संदेश दिया है। गौरतलब है कि 86 वर्षीय अब्दुल खालिक अंसारी का निधन 30 जनवरी को हुआ है। इससे पहले उन्होंने अपनी वसीयत लिखी, जिसमें उन्होंने अपने बच्चों को कहा है कि मैं 46 लाख रुपए की जो संपत्ति छोड़ रहा हूं, उसका उपयोग जनहितैषी और धर्मार्थ कार्यों में किया जाए। वसीयत में उन्होंने बेटे-बेटियों को 50-50 फलदार पौधे लगाकर उनका संरक्षण करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले उनके पुत्र अब्दुल करीम अंसारी ने ‘पीपुल्स समाचार’ को बताया कि उनके वालिद ने जीवनभर सभी धर्मों और समाज के लिए काम किया है। दिवंगत होने से पहले उन्होंने घर के पास स्थित कृष्ण मंदिर, जैन मंदिर, देवी मंदिर, मस्जिद, दरगाह, गुरुद्वारे के लिए पेयजल आदि व्यवस्थाओं को 1.35 लाख रुपए दान किए थे।

नमाज, पूजा से अच्छा आपसी प्रेम

उनके पुत्र अब्दुल करीम अंसारी ने बताया कि उनके वालिद कहा करते थे कि नमाज, रोजा, पूजा, पाठ करने से हालात अच्छे नहीं होते। दूसरों से मोहब्बत, प्रेम, भाईचारा करोगे तो भगवान और अल्लाह भी खुश होंगे। हम भाई- बहन उनकी इच्छानुसार पर्यावरण संवर्धन के लिए पौध रोपण करेंगे। अब्दुल करीम ने 500 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।