देवासन बोर्ड का यूटर्न, कहा-किसी भी उम्र की महिला की एंट्री पर ऐतराज नहीं

देवासन बोर्ड का यूटर्न, कहा-किसी भी उम्र की महिला की एंट्री पर ऐतराज नहीं

नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाला त्रावणकोर देवासन बोर्ड सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में एंट्री देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपने पुराने रुख से पलट गया है। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि अब वो मंदिर के गर्भगृह में हर उम्र की महिलाओं के दाखिल होने के खिलाफ नहीं है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कई पक्षों ने पुनर्विचार याचिका लगाई है जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देवासन बोर्ड की राय मांगी थी। त्रावणकोर देवासन बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने कहा कि 28 सितंबर, 2018 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर बोर्ड ने तय किया है कि वो इस अदालत के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देवासन बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करता है और हमारा विचार है कि कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। 

कई संगठनों ने दायर की पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली और सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। पद्मकुमार ने बताया कि इससे पहले देवासन बोर्ड ने जो हलफनामा कोर्ट में दाखिल किया था, उसके बाद शीर्ष अदालत का फैसला आया।