दो माह में भी नहीं बनी टर्सरी केयर यूनिट तो डूबेंगे 45 करोड़

दो माह में भी नहीं बनी टर्सरी केयर यूनिट तो डूबेंगे 45 करोड़

ग्वालियर ।  अंचल के कैंसर के मरीजों की सुविधा के लिए बनने वाली टर्सरी कैंसर केयर यूनिट के निर्माण की धीमी चाल के चलते केन्द्र सरकार द्वारा दिए राज्य सरकार को दिए गए 45 करोड़ रुपए डूबने वाले हैं। दरअसल केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को जेएएच के कैंसर वार्ड के समीप इस कैंसर केयर यूनिट बनाने के लिए 45 करोड़ रूपए स्वीकृत किए थे और इसमें से 22 करोड़ रुपए राज्य सरकार के खजाने में भी आए और भवन बनाने के लिए 7 करोड़ रूपए पीडब्लूडी की पीआईयू शाखा को भी दिए जा चुके हंै 31 मार्च 2019 तक इस यह यूनिट बनकर तैयार होना जरूरी है अगर ऐसा नहीं होता है तो राज्य सरकार को केन्द्र सरकार को 45 करोड़ रुपए की रकम वापस करनी होगी। टाइम लिमिट पास आते ही है इसका निर्माण का कार्य भी श्ुारू कर दिया गया है इसके लेकर दावे किए जा रहे हैं काम तेजी से चल रहा है, लेकिन हकीकत में अभी तक नीव के गड्ढे खुदकर केवल बीम का स्ट्रेक्चर तैयार हुआ है। ऐसे में करीब 40 दिनों में यह यूनिट बनकर तैयार होती नजर नहीं आ रही है।

सिकाई की वेटिंग से मिलती निजात

कैंसर की बीमारी से पीड़ित मरीजों को दिल्ली व मुंबई जाने की परेशानी से निजात दिलाने के लिए बनाई गई यह योजना लगभग एक साल पहले पूरी होनी थी, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पा रही है। यूनिट में लीनियर एक्सेलेटर और सिटी सिमुलेटर जैसी मशीनो से कैंसर का सटीक इलाज यहां होना था। इस यूनिट के आने पर जेएएच में सिकाई के लिए लगने वाली वेटिंग भी खत्म हो जाएगी। जानलेवा बीमारी कैंसर की गिरμत में आ रहे मरीजों का इलाज ग्वालियर में ही हो सके इसके लिए कैंसर केयर यूनिट की जरूरत लंबे वक्त से थी। कैंसर केयर यूनिट को बनाने के लिए बजट स्वीकृति के साथ राज्य सरकार को पैसे मिलने पर आशा थी कि गरीब मरीजों को अब दिल्ली-मुंबई की तर्ज पर जल्द इलाज मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन अब अचानक फिर से गरीब मरीजों के इलाज को झटका लग गया है।