नगर निगम हर दिन जलाता है सवा 12 लाख की बिजली

नगर निगम हर दिन जलाता है सवा 12 लाख की बिजली

जबलपुर। नगर निगम हर दिन सवा 12 लाख रुपए की बिजली जलाता है। यह बिजली शहर की स्ट्रीट लाइट,जलापूर्ति के लिए जलशोधन संयंत्रों से लेकर मुख्यालय,जोन आॅफिस में उपयोग होती है। जितने राजस्व की वसूली नगर निगम साल भर में जनता से करता है उसका 20 फीसदी से अधिक बिजली के बिल चुकाने में खर्च होता है। नगर निगम को मिलने वाले बिजली बिल का सबसे बड़ा हिस्सा स्ट्रीट लाइट का होता है। कई क्षेत्रों में तो दिन में भी स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। इनके लिए आॅटो स्विच लगाए जाने पर भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। यदि कोई शिकायत करे भी तो इन्हें छोटी-मोटी समस्या मानकर नजर अंदाज कर दिया जाता है। इससे भी लाखों रुपए की हानि पहुंचती है।

सोलर पैनल का उपयोग नहीं

सोलर एनर्जी के उपयोग पर दावे कितने भी किए जाएं मगर इसे मूर्त रूप में लाने के प्रयास गंभीरता से नहीं किए गए। कार्यालयों सहित पाकर् और स्ट्रीट लाइट के लिए सोलर पैनल का उपयोग किया जा सकता है,इससे बिजली बिल में काफी बचत हो सकती है।

कार्यालयों, पानी के पंप और स्ट्रीट लाइट पर खर्च

नगर निगम मुख्यालय भवन समेत सभी कार्यालयों के अलावा जल और स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल का एकीकृत एकाउंट होता है। जिसके अनुसार प्रतिमाह बिजली बिल का भुगतान किया जाता है। बताया जाता है कि एक निजी कंपनी ने बिजली बिल भुगतान में बचत के महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए थे मगर इन्हें तरजीह नहीं दी गई।

1 माह में बढ़ा 5 गुना बिजली बिल

अप्रैल 2018 में ननि का बिजली बिल सवा करोड़ रुपए था। जो अगले माह मई में सीधा 5 गुना बढ़ कर 5 करोड़ 42 लाख रुपए हो गया। जिम्मेदारों के अनुसार गर्मी के मौसम में पानी की लगातार सप्लाई होने के कारण बिजली का बिल बढ़ता है। पानी की सप्लाई के अलावा जो अधिकारी बाकी दिन अपने कार्यालयों में नहीं नजर आते वे भी एसी कक्षों में आराम करते रहते हैं। एसी का भी अच्छा खासा बिजली बिल आता है।