पंचायत प्रतिनिधि रबर स्टॉम्प और लेटरपैड के प्रतिनिधि ही रह गए थे’

पंचायत प्रतिनिधि रबर स्टॉम्प और लेटरपैड के प्रतिनिधि ही रह गए थे’

भोपाल  ।  त्रि-स्तरीय पंचायत राज प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा प्रदेश में पिछले पंद्रह साल में पंचायत राज कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा अब हम पंचायती राज को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को भोपाल, मंत्रियों और मंत्रालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। उन्हें इतने अधिकार दिए जाएंगे कि वे अपने गांव का विकास स्वयं कर सकें। उन्होंने कहा पिछले पंद्रह साल में हमारे जिला, जनपद अध्यक्ष,सरपंच रबर स्टैम्प और लेटर पेड के प्रतिनिधि बनकर रह गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र का हृदय ग्रामीण क्षेत्र है। हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती ग्रामीण क्षेत्रों की कार्य-शैली पर ही आधारित है। उन्होंने कहा भाजपा और हमारी सोच में फर्क है। हम गांवों, गांव के जनप्रतिनिधियों की तरफ देखते हैं, ठेकेदारों के बारे में नहीं सोचते। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा वे बदली हुई व्यवस्था को देखें, सच्चाई को पहचानें और अपना समर्थन दें।

नौ जिपं अध्यक्षों ने थामा हाथ कांग्रेस, भाजपा ने कहा कोई शामिल नहीं हुआ

प्रदेश के 9 जिला पंचायत अध्यक्षों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर शनिवार को सियासत तेज रही। कांग्रेस ने कहा सभी स्वेच्छा से कांग्रेस में शामिल हुए तो भाजपा ने कहा कि कोई कांग्रेस में शामिल नहीं हुआ, कांग्रेस ने सुनियोजित ढंग से अफवाह फैलाई। कार्यक्रम स्थल पर जिला पंचायत अध्यक्ष संगठन के अध्यक्ष मनमोहन नागर ने बताया कि 9 जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हएु। प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बताया कि छिंदवाड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष कांता ठाकुर, रतलाम के प्रमेश मैड़ा, कटनी की ममता पटेल, पन्ना के रविराज यादव, भोपाल के मनमोहन नागर, ग्वालियर की मनीषा यादव, नरसिंहपुर के संदीप पटेल, गुना की अर्चना चैहान और शिवपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष कविता शामिल हैं। जिला पंचायत अध्यक्षों के अलावा लगभग 24 जनपद पंचायत अध्यक्षों ने भी कांगे्रस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की । नागर ने कहा कि सभी अपनी मर्जी से कार्यक्रम में आए थे, अब भाजपा के दबाव में शायद बयान दे रहे हों। मैंने तो कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।