पोटली वाले गणेश मंदिर पर पांच दिनी गणेश यंत्र प्रतिष्ठा महोत्सव कल से

पोटली वाले गणेश मंदिर पर पांच दिनी गणेश यंत्र प्रतिष्ठा महोत्सव कल से

इंदौर। जूनी इंदौर चंद्रभागा स्थित प्राचीन पोटलीवाले रिद्धि-सिद्धि चिंतामण गणपति मंदिर में 13 से 17 फरवरी तक पांच दिवसीय गणेश यंत्र प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस यंत्र की स्थापना मंदिर के गर्भगृह में होगी। यहां गणेशजी स्वर्ण मंडित सिंहासन पर विराजित किए गए हैं। यह गणेश यंत्र तीन माह के अथक प्रयासों के बाद 5 बाय 5 फीट के आकार में होकर 18 किलो वजन में उज्जैन के कलाकारों द्वारा वास्तु के अनुरूप तैयार किया गया है। मंदिर के पुजारी पं. गणेश प्रसाद पुराणिक ने बताया कि इस मौके पर संपूर्ण शुक्ल यजुर्वेद संहिता के पारायण का आयोजन भी होगा। महोत्सव में गणेशजी का राजोपचार पूजन कर गणेश यंत्र का पूजन भी होगा। यंत्र की श्रीगणेश सहस्रनामावली से कुमकुम अर्चना एवं पुष्पार्चना की जाएगी। ओेंकारेश्वर के विद्वान आचार्य पं. लोकेश अत्रे के आचार्यत्व में मंदिर के गर्भगृह में 17 फरवरी को 4 शुभ संयोग के बीच यह प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस दिन रवि-पुष्य योग, त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थसिद्धि योग एवं रवि योग एक साथ आ रहे हैं। 

ये कार्यक्रम होंगे

पं. पुराणिक ने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद संहिता का पाठ संभवत: पहली बार हो रहा है यह अभिषेकात्मक होगा अर्थात जब तक वेदों का पाठ होगा तब तक श्री गणेशजी का दूध से अभिषेक अखंड धारा से किया जाएगा। हिंदू धर्म के चारों वेदों में से यजुर्वेद एक महत्वपूर्ण वेद है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में बुधवार 13 फरवरी को सुबह 10 बजे से मंडल स्थापना, पंचांग कर्म, राजोपचार पूजन एवं अभिषेक के बाद शुक्ल यजुर्वेद संहिता पारायण का शुभारंभ होगा। गुरुवार 14 फरवरी को सुबह 11 बजे से मंडल पूजन, गणेश यंत्र की पुष्पार्चना एवं गणेश अथर्वशीर्ष द्वारा यज्ञ एवं वेद पारायण, शुक्रवार 15 फरवरी को सुबह 11 बजे से गणेश यंत्र की कुंकुम, हल्दी एवं केशर से अर्चना, मंडल पूजन एवं वेद पारायण, शनिवार 16 फरवरी को सुबह 11 बजे से ध्यान, न्यास एवं वास विधि प्रारंभ होगी और यंत्र का राजोपचार पूजन होकर यज्ञ भी होगा। रविवार 17 फरवरी को सुबह 10 बजे से गणेशजी एवं यंत्र का पूजन कर अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजे यंत्र की स्थापना की जाएगी।