पुलिया से कमर तक भरे पानी से निकलते हैं बच्चे, सड़क बनवा दो साहब

पुलिया से कमर तक भरे पानी से निकलते हैं बच्चे, सड़क बनवा दो साहब

जबलपुर। साहब,हमारे यहां पर बच्चे पुलिया में से कमर तक भरे पानी से निकलकर स्कूल जाते हैं। यहां पर मात्र डेढ़ सौ फीट लंबी व 15 फीट चौड़ी रोड बनवा दें। यह गुहार लगाई निर्मल चंद जैन वार्ड अंतर्गत न्यू कंचनपुर में जबलपुर पब्लिक स्कूल के पास की गली में आखिरी छोर पर रहने वाले परिवारों ने। यहां के रहवासी भगवान सिंह, दिनेश तिवारी,रामस्वरूप विश्वकर्मा, पुरषोत्तम विश्वकर्मा, परसराम विश्वकर्मा, राकेश साहू, अशोक सिंह आदि ने मंगलवार को नगर निगम की जनसुनवाई में अपनी लिखित हस्ताक्षरित शिकायत में मांग की है कि नगर निगम नागरिकों की सुविधा व बच्चों की रोजाना की परेशानी को मद्देनजर रखते हुए मात्र डेढ़ सौ फीट लंबी व 15 फीट चौड़ी रोड बना दे। साल भर में नहीं मिला आॅटो रामपुर छापर निवासी अरफान अली पिता सादिक अली ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने एक साल पहले नगर निगम में आॅटो के लिए आवेदन दिया था,जो कि पास भी हो गया था। संबंधित शाखा के कर्मचारियों द्वारा उसे लगातार एक साल से भटकाया जा रहा है और पास किए गए लोन के अनुसार उसे आॅटो नहीं दिलाया जा रहा है।

दुकान के पीछे बना लिया कच्चा मकान

चौथापुल के पास दुकान चलाने वाले पप्पू जैन ने अपनी शिकायत में कहा कि उनक  दुकान के पीछे ममता पटैल के द्वारा कब्जा कर कच्चा मकान बना लिया गया है,जबकि ममता पटैल को नगर निगम ने पक्का मकान अधारताल पन्नी मोहल्ला में बने पीएम आवास योजना के आवास में दिया हुआ है। इसके बावजूद उनके द्वारा मेरी दुकान के पीछे अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस कब्जे को हटाया जाए।

अवैध निर्माण करने वाले की जगह वैध को भेजा नोटिस

तमेरा मोहल्ला शीतलामाई वार्ड निवासी शिव प्रसाद रावत ने भवन अधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि आपके कार्यालय द्वारा मुझे 30 जुलाई को नोटिस दिया गया है कि मैंने अनधिकृत निर्माण किया है। इस संबंध में मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पड़ोसी ने अवैध रूप से सीढ़ियों का निर्माण किया है बजाय उन्हें नोटिस दिए जाने के मुझे नोटिस भिजवा दिया गया है जबकि मैंने किसी तरह का अवैध निर्माण नहीं किया है।

नोटिस से कर रहे परेशान

रेवाखंड दुग्ध उत्पादक किसान महासंघ ने एसपी आफिस में दी शिकायत में महेन्द्र पटैल द्वारा की गई जांच की मांग वाली शिकायत की जांच करवाए जाने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि भैंसों की खरीद -फरोख्त मामले में उन्हें महेन्द्र द्वारा बार-बार नोटिस भेजकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है,जबकि उनकी शिकायत का आधार ही गलत है।