पहले दी वेटिंग लिस्ट वालों को नियुक्ति, अब नहीं दे रहे वरिष्ठता का लाभ

पहले दी वेटिंग लिस्ट वालों को नियुक्ति, अब नहीं दे रहे वरिष्ठता का लाभ

जबलपुर। नेता सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पहले वेटिंग लिस्ट को चयन सूची मानते हुए नियुक्ति प्रदान करने व वरिष्ठता का लाभ नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ डॉ अजय कुमार की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वे वर्ष 2011 से 28 नवम्बर 2015 तक हरियाणा जिले के हिसार जिले के महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज में पदस्थ थे। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के लिए उन्होंने आवेदन किया था। अधिक अंक होने के कारण वह मैरिट सूची में प्रथम स्थान पर थे। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा उसे 23 अक्टूबर 2015 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। उसने 30 नवम्बर को ड्यूटी ज्वाइन की थी। बदली गई सूची इसके कुछ दिन बाद अस्पताल के नोटिस बोर्ड में एक सूची चिपका दी गयी। जिसके प्रथम स्थान पर डॉ शैलजा तिवारी का नाम था। जिसके बाद उसकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया, जबकि नोटिस बोर्ड में चस्पा की गई सूची वेटिंग लिस्ट की सूची थी। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2016 को याचिकाकर्ता को नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने 3 मार्च 2016 को पुन: नियुक्ति प्रदान की। याचिका में कहा गया था कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उसे 30 नवम्बर 2015 से वरिष्ठता का लाभ प्रदान नहीं किया जा रहा है।

मांगा गया जवाब

याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव व संचालक तकनीकि सहित मेडिकल कॉलेज जबलपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।