बाद वालों को पहले दी नियुक्ति, पहले वालों को भूले

बाद वालों को पहले दी नियुक्ति, पहले वालों को भूले

ग्वालियर। भले ही प्रदेश सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के मामले में 5 दिन में कार्रवाई कर 15 दिन में नियुक्ति देने का आदेश नगर निगम में हाशिये पर है, क्योंकि पीड़ित आवेदकों के आरोप हैं कि कभी जीएडी, तो कभी लेखा विभाग के जिम्मेदार कमियां बताकर उन्हें परेशान किए हुए हैं, जबकि वे स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर न्यायालय से आदेश भी ले आए हैं। नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति के मामले में प्रदेश शासन के निर्देश पाते ही बीते दो माह के अंदर लगभग 46 लोगों को ज्वाइनिंग दी गई। इसके बाद भी निगम जीएडी शाखा में लगभग 25 से ज्यादा मामले अपनी नियुक्ति के लिए लंबित हैं। जिनमें 10वीं पास न होने जैसी दिक्कतों के अलावा पारिवारिक सहमति व पारिवारिक सहमति न देने व परिवार में पहले से सरकारी नौकर होने का हवाला देकर मामलों को लटकाए रखने के आरोप पीड़ित परिजनों द्वारा लगाए जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो जीएडी व लेखा विभाग ने मिलीभगत के चलते पहले आवेदन देने के बाद अनुकंपा नियुक्ति में परिवार में पहले से किसी सदस्य के सरकारी नौकरी में होने के बाद उसी परिवार के दूसरे सदस्यों को बाद में आवेदन देने के बाद नौकरी दी गई है। जबकि अनदेखी के चलते मृतक की ज्वाइनिंग जिले के दूसरे होने के बाद ग्वालियर निगम में जबरिया ज्वाइनिंग देने व कई अन्य मामलों में भी नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति हुई है और इन नियुक्तियों में लेखा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने बड़ी भूमिका निभाई गई है। जीएडीस्वास्थ्य विभाग में लंबित हैं नियुक्ति अनुकंपा नियुक्ति के मामले में जहां जीएडी में 25 मामले लंबित हैं, तो स्वास्थ्य विभाग में भी सफाई संरक्षकों के कई मामले नियुक्ति के संबंध में इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी नियुक्ति में कमियां बताकर पूर्ति होने के बाद ही ज्वाइनिंग लेने का दावा कर रहे हैं।