बिना अनुमोदन दिए सब इंस्पेक्टरों को एडीईओ के चार्ज, हुई शिकायत

बिना अनुमोदन दिए सब इंस्पेक्टरों को एडीईओ के चार्ज, हुई शिकायत

ग्वालियर। सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा अपनी विवादित कार्यशैली के चलते लगातार मनमर्जी के आदेश जारी कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पदस्थापना से पहले कलेक्टर अनुमोदन को ताक पर रख दिया है। जिसके चलते उन्होंने सब इंस्पेक्टरों को एडीईओ के चार्ज देकर जिले में पदस्थ कई अन्य अधिकारियों के क्षेत्र प्रभार में फेरबदल कर दिया है। अनदेखी व मनमर्जी के चलते जिला कार्यालय से जारी आदेश में सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ)जितेन्द्र सिंह सिंह गुर्जर को ठेका शाखा से वृत्त -2 के प्रभार के अलावा डिस्टलरी, आहरण, संवितरण, लेखा-कैश शाखा व वाहन शाखा जैसी कई जिम्मेदारी दी गई हैं। इसी क्रम में एडीईओ सीमा सक्सैना को वृत्त-4 के साथ टीएल, सीएम हेल्पलाइन, निर्वाचन, स्टोर, स्थापना के अलावा एडीईओ सुरेन्द्र सिंह राठौर को वृत्त-1 के साथ सीएम हेल्प लाइन, टीएल, निर्वाचन प्रेक्षकों की सम्पूर्ण व्यवस्था दी गई है। इसके अलावा एडीईओ राकेश शर्मा को वृत्त-2 के कार्य से मुक्त कर विनायक डिस्टलरी का प्रभार व एडीईओ को वृत्त डबरा व निर्वाचन कार्य की जगह वृत्त -3 के साथ दबिश, कलेक्टर से संबंधित कार्य की जिम्मेदारी दे दी गई है। अहम बात यह है कि इस मामले में जिला सहायक आबकारी आयुक्त ने कलेक्टर अनुराग चौधरी से कोई अनुमोदन नहीं लिया है। साथ ही आदेश में आबकारी आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर, उपायुक्त शैलेष सिंह को पत्र लिखकर पदस्थापना संबंधित जानकारी भी नहीं दी गई है।

सब इंस्पेक्टरों को बनाया प्रभारी एडीईओ : शासन आदेश की अनदेखी पर आमादा सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा ने बिना अनुमोदन के सब इंस्पेक्टर मनीष द्विवेदी को वृत्त-5 की जिम्मेदारी देकर प्रभारी एडीईओ के रूप में स्वतंत्र प्रभार दिया है। इसी क्रम में सब इंस्पेक्टर मनमोहन शर्मा को भी प्रभारी एडीईओ का चार्ज देकर वृत्त-6 का स्वतंत्र प्रभार व उपनिरीक्षक विवेक प्रकाश पटसारिया को वृत्त भितरवार के साथ मद्यभण्डागार डबरा की जिम्मेदारी देकर स्वतंत्र प्रभार दिया है।

कांग्रेस ने की है कलेक्टर को शिकायत : कलेक्टर के बिना अनुमोदन के चार्ज बदलने व ट्रांसफर आदेश के विरूद्ध न्यायालय से स्थगन आदेश लाने पर कांग्रेस ने भी सहायक आबकारी अधिकारी को निशाने पर ले लिया है। साथ ही कलेक्टर को भेजी शिकायत में स्पष्ट रूप से संदीप शर्मा को भाजपा मानसिकता से कार्य करने वाला अधिकारी बताकर चुनाव में अपने पद के दुरूपयोग की संभावना जताई है और तत्काल उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई करने को कहा है।