बालिका गृह मामला: 21 के खिलाफ आरोप तय

बालिका गृह मामला: 21 के खिलाफ आरोप तय

नई दिल्ली। दिल्ली की अदालत ने मुजफ्फरनगर  बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की साकेत अदालत ने 21 आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के अतंर्गत दुष्कर्म व अन्य आरोप तय कर दिए हैं। इससे पहले इस मामले की गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई थी। अदालत उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हुआ था, जिसमें बालिका गृह के चर्चित कांड की जांच के दौरान सीबीआई पर लापरवाही बरतने और असली आरोपियों को बचाने की कोशिश का आरोप लगा था। गौरतलब है कि बिहार के मुजμफरपुर में एक एनजीओ की तरफ से चलाए जा रहे शेल्टर होम में कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण का मामला सामने आया था। यह मामला टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट के बाद चर्चित हुआ था। हंगामा बढ़ने पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 21 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 

सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई

इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की अपील वाली एक और याचिका जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने पेश की गई थी। वकील फौजिया शकील के जरिए दाखिल याचिका में सीबीआई को इस मामले की गहन, उचित और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पीड़िताओं के बयानों से स्पष्ट है कि ब्रजेश ठाकुर की तरफ से बड़े पैमाने पर वेश्यावृत्ति गिरोह चलाया जा रहा था।