बा ने जीवन की पाठशाला से शिक्षा ली: एडीजी अनुराधा शंकर युवा बा को पढ़ें और उनके विचारों को पहुंचाएं: आरके पालीवाल

बा ने जीवन की पाठशाला से शिक्षा ली: एडीजी अनुराधा शंकर युवा बा को पढ़ें और उनके विचारों को पहुंचाएं: आरके पालीवाल

भोपाल। कस्तूरबा गांधी जी की 150वीं जयंती का आयोजन गांधी भवन के मोहनिया हॉल में किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मुख्य आयकर आयुक्त आर के पालीवाल और एडीजी पुलिस अनुराधा शंकर और गांधीवादी और गांधी भवन के सचिव दयाराम नामदेव जी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कस्तूरबा गांधी जी के 150 वें जन्मदिन के अवसर पर युवा पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से रुबरु कराना था। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी की तरह अपने काम से समाज में जागृति लाने और समाज के उत्थान में काम करने वाली 2 महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इन महिलाओं में जलजा नायर और सुभद्रा को कस्तूरबा सम्मान दिया गया। गौरतलब है कि जलजा पिछले 30 सालों से गांधी भवन में गांधीवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है, वही सुभद्रा जैविक खेती पर कई वर्षों से काम कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने बा को याद करते हुए उनकी जिंदगी से जुड़े कई रोचक संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम गांधी भवन के सचिव दयाराम नामदेव जी ने बा को नमन करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि गांधी जी इतनी ऊंचाइयों पर अगर पहुंचे तो उसके पीछे बा का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके बाद एडीजी अनुराधा शंकर जी ने बा और बापू के कई रोचक संस्मरण सुनाए। साथ ही उन्होंने कस्तूरबा जी की अंतिम यात्रा में बापू के द्वारा कहे गए कथन को भी दोहराया कि मेरा और कस्तूरबा का 62 वर्ष का साथ था इसे कैसे तोड़ कर वो आगे बढ़ गई। इसके बाद मुख्य आयकर आयुक्त आरके पालीवाल ने कहा कि हमें कस्तूरबा गांधी जी के जीवन का अध्ययन कर के लोगों को उनके कार्यों के बारे में बताना चाहिए ताकि लोग और समाज उनसे प्रेरणा लेकर उनके कार्यों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा यदि हम अपने आसपास के लोगों से भी सीखना शुरू कर दे तो निश्चित ही हम वैसे भी गांधी और कस्तूरबा बन सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन सान्या आचार्य और अली रिजवी ने किया।