रेलवे के अधिकारियों को खेलों के प्रति जागरूक किया जाए

रेलवे के अधिकारियों को खेलों के प्रति जागरूक किया जाए

वडोदरा। इंदौर के अर्जुन अवार्डी कुश्ती कोच कृपाशंकर बिश्नोई ने कहा है कि भारतीय रेलवे खेल और खिलाड़ियों को सही सम्मान और स्थान देती है लेकिन रेलवे के अधिकारियों को खेलों के प्रति जागरूक करने की भी जरूरत है। कृपाशंकर ने भारतीय रेलवे की राष्ट्रीय अकादमी वडोदरा में रेलवे विभाग की ओर से आयोजित ‘2019 मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम’ व ‘ए इंडक्शन प्रोग्राम’ के दौरान शुक्रवार को यह बात कही। कार्यक्रम में कृपाशंकर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस कोर्स में प्रतिभाग करने आए अधिकारियों को कृपाशंकर ने कहा कि भारतीय रेलवे खेल और खिलाड़ियों को सही सम्मान और स्थान देती है तथा इसके लिए रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रेलवे से जुड़ा कोई भी खिलाड़ी अगर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करता है तो रेलवे उसे सम्मान और समय से पहले पदोन्नति देने का कार्य करती है। रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड ने अपनी एक खेल व्यवस्था बनाई है जिससे भारतीय खेलों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी बहुत मेहनत के बाद कोई मुकाम हासिल करते हैं, कोई खिलाड़ी उस दिन के लिए सारी उम्र मेहनत करता है जब वह अपने खेल से इतिहास लिखता है। कहने और सुनने में यह काफ ी आसान लगता है कि मैं बड़ा होकर खिलाड़ी बनूंगा लेकिन भारत जैसे देश में खिलाड़ी बनना काफÞी मुश्किल है। खेलों का महत्व शिक्षा से कम नहीं रह गया है, सिर्फ जरूरत है रेलवे के अधिकारियों को खेलों के प्रति जागरूक करने की।’’ कृपाशंकर ने कहा कि अमूमन कई बार यह देखा गया है कि बहुत सारे रेलवे जोन में खिलाड़ियों और कोचों को अपना खेल जारी रखने में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई रेलवे अधिकारियों को खेलों का ज्ञान नहीं होता। जो अधिकारी यूपीएससी व आईआरटीएस से सीधे रेलवे विभाग में आते हैं उनका खेल और खिलाड़ियों से कोई वास्ता नहीं रहता उन्हें खेलों का बिलकुल भी ज्ञान नहीं होता। ऐसे अनाड़ी अधिकारियों की वजह से भारतीय रेलवे और खिलाड़ियों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे मे रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड को चाहिए कि वह रेलवे विभाग के ऐसे अधिकारियों को खेलो के प्रति शिक्षित और जागरूक करे।