सामाजिक बदलाव के लिए स्वयं में बदलाव जरूरी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

सामाजिक बदलाव के लिए स्वयं में बदलाव जरूरी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

आईएम भोपाल। सामाजिक बदलाव के लिए स्वयं में परिवर्तन लाना जरूरी है। चिंतन को कार्यरूप में परिवर्तित करने की पहल में चिंतकों का योगदान जरूरी है। विचार-विमर्श ही बदलाव का आधार बनेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान द्वारा आयोजित इंडियन रीजनल सांइस एसोसिएशन के 50 वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल ने इंडियन जर्नल आॅफ रीजनल साइंस का विमोचन भी किया। निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडे ने अधिवेशन के उद्देश्यों की जानकारी दी। रीजनल साइंस एसोसिएशन के सचिव प्रो.सीआर पाठक ने एसोसिएशन की उपलब्धियों पर बात की।

किसी भी काम को करने के लिए लक्ष्य जरूरी

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि किसी कार्य की सिद्धि के लिए लक्ष्य बनाकर प्रयास करना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर से शुरू कार्य ही वृहद आकार लेते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए की गई पहल के सार्थक परिणाम सब जगह दिखाई दे रहे हैं। देश में शौचालय निर्माण का कार्य 98 प्रतिशत पूरा हो गया है। परिवर्तन सभी क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।