शहर की 8 पहाड़ियों पर बसे 10 हजार मकान टूटेंगे, चिन्हांकन शुरू हुआ

शहर की 8 पहाड़ियों पर बसे 10 हजार मकान टूटेंगे, चिन्हांकन शुरू हुआ

जबलपुर ।  मदनमहल की पहाड़ियों के 4 हजार से ज्यादा काबिज परिवारों में से करीब ढाई हजार मकान तोड़ दिए गए हैं। यह सिलसिला अभी जारी रहेगा और शहर क ी 8 पहाड़ियों पर बसे 10 हजार से अधिक मकानों को हटाया जाना है। इसके लिए सीमांकन और डोर टू डोर सर्वे शुरू हो गया है। इनकी रिपोर्ट आने पर मकानों की वास्तविक स्थिति पता चलेगी। हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका जिसमें पहाड़ियों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने की मांग की गई है में शहर को शुद्ध आबोहवा देने वाली पहाड़ियों के कब्जे हटाने हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं। जिसके परिपेक्ष्य में जिला प्रशासन व नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। यहां तक कि करीब ढाई हजार मकानों को जमींदोज कर इनमें रहने वाले परिवारों को अन्यत्र बसाया जा चुका है। यह प्रक्रिया अब सतत रूप से चलना है और शहर की अन्य 8 पहाड़ियों पर जल्द ही कार्रवाई शुरू हो सकती है।

हस्तक्षेप नहीं बर्दाश्त

इस मामले में विगत दिनों जब सिद्धबाबा पहाड़ी पर सीमांकन करने टीम पहुंची तो वहां के लोगों ने विरोध किया था जिसमें लोगों को सपोर्ट करने सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया ने जाकर हर स्तर तक जाने का बयान दिया था,इस मामले को हाईकोर्ट नेसंज्ञान में लेकर श्री घनघोरिया को जमकर फटकार लगाई और दिया गया माफीनामा तक अस्वीकार करते हुए दोबारा उसी जनता के बीच जाकर स्थिति क्लीयर करने कहा है।

राजस्व अमले ने शुरू की कार्रवाई

आदेश के बाद राजस्व अमले ने शहर की अन्य पहाड़ियों जिनमें टनटनिया पहाड़ी,संजय नगर पहाड़ी,गोकलपुर पहाड़ी,सिद्ध बाबा पहाड़ी,रांझी पहाड़ी,गलगला पहाड़ी,खंदारी पहाड़ी, बेदीनगर पहाड़ी, सूपाताल से त्रिपुरी तक की पहाड़ी सहित आईसीएमआर से शास्त्री नगर पहाड़ी शामिल हैं,में सीमांकन के काम चालू कर दिए हैं। तहसीलदार,आरआई,पटवारी व वन विभाग का अमला पहाड़ियों का सीमांकन व बसाहट की गिनती शुरू कर चुका है।

फैक्ट फाइल

* 306 हैक्टेयर भूमि है मदनमहल पहाड़ी की

* 0.065 हैक्टेयर भूमि पुरातत्व विभाग के पास संरक्षित

* 116.482 हैक्टेयर भूमि वन विभाग द्वारा संरक्षित

* 4 हजार से अधिक कब्जे हैं पहाड़ी में

* 2421 अतिक्रमणों को हटाया गया अब तक

* 25 फीसदी हिस्सा हुआ है खाली