इस साल बने 1,100 नए स्टार्टअप, इनमें 52 में यूनिकॉर्न बनने की क्षमता

इस साल बने 1,100 नए स्टार्टअप, इनमें 52 में यूनिकॉर्न बनने की क्षमता

बेंगलुरू। स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल रखने वाले देशों में भारत तीसरे नंबर पर बना हुआ है। देश में 2019 में 1,100 स्टार्टअप जुड़े और इसके साथ आईटी स्टार्टअप की कुल संख्या पिछले पांच साल में बढ़कर 8,900 से 9,300 पहुंच गई है। आईटी कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने यह जानकारी दी है। नैसकॉम की ‘लीडिंग टेक इन दी ट्वेंटीज’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस साल 52 स्टार्टअप में यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर मूल्यांकन) बनने की क्षमता है। 2018 में भारत में 15 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने थे। फिलहाल 24 यूनिकॉर्न स्टार्टअप के साथ भारत इस मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। नॉसकॉम ने यह भी कहा कि घरेलू स्टार्टअप परिवेश 2025 तक इसमें 10 गुना वृद्धि के लिए तैयार है। नेशनल एसोसिएशन आॅफ साμटवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नॉसकॉम) की अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा- हम 2014 से 2025 के दौरान भारती स्टार्टअप में 10 गुनी वृद्धि देखेंगे, जो उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि नॉसकॉम को स्टार्टअप का मूल्य 2025 तक बढ़कर 350 से 390 अरब डॉलर पहुंच जाने का अनुमान है जो 2014 में करीब 10-20 अरब डॉलर था। 

स्टार्टअप्स के मामले में बेंगलुरू अव्वल

नैसकॉम के अध्यक्ष घोष ने कहा कि अगर सभी मानदंडों को देखें, भारतीय आईटी स्टार्टअप परिवेश में मजबूत वृद्धि दिखती है।प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के मामले में बेंगलुरू अव्वल बना हुआ है। उसके बाद दिल्ली का स्थान है। कुल स्टार्टअप में 12-15 प्रतिशत उभरते शहरों से आ रहे हैं जो महत्वपूर्ण है। आईटी स्टार्टअप्स की संख्या पिछले साल 7,700 से 8,200 थी। 

देशभर में 40 लाख लोगों को रोजगार की संभावना

देबजानी घोष ने कहा कि इस साल देशभर में 1,100 स्टार्टअप्स खुलने इस क्षेत्र में 2025 तक कुल रोजगार लाखों की संख्या में पहुंच जाने का अनुमान है। वहीं परोक्ष रूप से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। नैसकॉम ने नैसकॉम प्रोडक्ट कनक्लेव 2019 के 16वें सस्करण में मंगलवार को ‘इंडियन टेक स्टार्ट-अप इकोसिस्टम’ शीर्षक से अपनी रिपोर्ट पेश की।