परिवार चलाने के लिए भीख मांगने वाली 145 महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर, दी जाएगी ट्रेनिंग

परिवार चलाने के लिए भीख मांगने वाली 145 महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर, दी जाएगी ट्रेनिंग

भोपाल ।  भिक्षावृत्ति से जुड़ी 145 महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके चलते सीडब्ल्युसी (बाल कल्याण समिति) ने इन महिलाओं को किसी न किसी तरह के रोजगार से जोड़ने की जिला प्रशासन से अनुशंसा की हैं ताकि उनके परिवार की जीविका चलती रहे। समिति की अनुशंसा पर प्रशासन ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर जल्द अमल शुरू हो जाएगा। बाल कल्याण समिति के सदस्य कृपा शंकर चौबे, राजीव जैन और निवेदिता शर्मा ने कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के साथ इस बारे में बातचीत कर जल्द से जल्द योजना तैयार कर उस पर काम शुरू करने कहा है। उल्लेखनीय है कि बीते करीब एक महीने से शहर में बाल भिक्षावृत्ति पर लगाम कसने के लिए शहर के मंदिर और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगाने वालों के खिलाफ मुहिम शुरू की गई। इसमें टीम ने 100 से ज्यादा बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने में सफलता पाई, वहीं 145 ऐसी महिलाएं मिलीं, जिनके पास परिवार के भरण पोषण के लिए न तो रोजगार है और न कोई नौकरी। इस वजह से वे सड़कों पर भीख मांगती हैं।

कौशल विकास से जोड़ा जाएगा

योजना के पहले चरण में भिक्षावृत्ति से जुड़ी महिलाओं और उनके परिवार के वाले जानकारी जुटाई जाएगी। सूची में महिलाओं की कमाई पर आश्रित परिवार के सदस्यों की संख्या, महिला की शैक्षणिक योग्यता और उसको किस प्रकार के कौशल की ट्रेनिंग लेने में रुचि है, आदि को शामिल किया जाएगा। इसके आधार पर महिलाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। स्वरोजगार के लिए लोन दिलाया जाएगा। लोन कम ब्याज दर का होगा, साथ ही सरकारी सब्सिडी का भी ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलान्या जाएगा।