16 कलाकारों ने मंच पर दिखाया कैसे आज लोकतंत्र हाशिए पर खड़ा हुआ है

16 कलाकारों ने मंच पर दिखाया कैसे आज लोकतंत्र हाशिए पर खड़ा हुआ है

भोपाल  ।अभिमान कल्चरल सोसायटी की ओर से शहीद भवन में नाटक 'समझ गया साहब’ का मंचन किया गया। नाटक के लेखक एआईजी मलय जैन हैं। वहीं इसका निर्देशन दिनकर जी ने किया है। नाटक का यह दूसरा शो है। पहला शो जनजातीय संग्रहालय में जनवरी में हुआ था। सवा घंटे के नाटक में 16 कलाकारों ने आनस्टेज अभिनय किया। नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि नेता, पुलिस और तथाकथित मीडिया मिलकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आज कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण लोकतंत्र हाशिए पर खड़ा है।

लाश बन गई सबकी स्वार्थ सिद्धी का सामान

नाटक के माध्यम से लोकतंत्र के रखवालों पर व्यंग्य किया गया है। नाटक की कहानी 1970 के प्लॉट पर बेस्ड है। कहानी में मुंशी एक लाश के पास जाकर सोचता है यह मेरे थाने की सीमा की बॉर्डर है। यदि मैं इसे थोड़ा सा दूर फेंक दूं तो एफआईआर और तहकीकात का झंझट ही खत्म हो जाएगा। वहीं, नेता सोचता है कि इसका मर्डर हिन्दू ने किया है या मुस्लिम है। हत्यारे की जाति को लेकर मेरा क्या स्टैंड होगा। वहीं पत्रकार सोचता है यह खबर सनसनीखेज कैसे बनेगी।