400 करोड़ की नर्मदा समृद्धि कॉरीडोर योजना पर जमीन अधिग्रहण का रोड़ा

400 करोड़ की नर्मदा समृद्धि कॉरीडोर योजना पर जमीन अधिग्रहण का रोड़ा

जबलपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत शहर में साढ़े 8 किमी लंबे और 60 मीटर चौड़े नर्मदा समृद्धि कॉरीडोर योजना में 2,326 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसमें से शासकीय भूमि को अधिग्रहीत करना तो आसान है मगर जो निजी भूमि आ रही है, इसके बदले मुआवजा न देते हुए भूस् वामी को अपेक्षित भूमि लेकर उसकी भूमि को डेवलप कर देने की योजना है,यही मुद्दा रोड़ा बना हुआ है। मंडला हाईवे से तिलवारा घाट 8.5 किमी लंबाई में प्रस्तावित 60 मीटर चौड़े मार्ग का विकास किया जाना है। वर्तमान में तिलवारा घाट व नर्मदा के किनारे विद्यमान उत्तरी दिशा में रेलवे लाइन है। इसके मध्य कोई रोड नहीं है। इसके कारण यह क्षेत्र अविकसित है। तिलवारा घाट से ग्वारीघाट तक कोई सीधा मार्ग उपलब्ध नहीं है। परियोजना के अंतर्गत स्मार्ट सिटी परियोजना में 80 करोड़ राशि स्वीकृत है। नगर निगम द्वारा 320 करोड़ रुपए की राशि वहन की जाएगी। जिसकी प्रतिपूर्ति इसी योजना के अंतर्गत शासकीय भूमि के उपयोग से प्राप्त होने वाली राशि की जा सकती है। भक्तों और पर्यटकों को सुविधा इस मार्ग के बनने से न सिर्फ नर्मदा भक्तों अपितु पर्यटकों को भी नर्मदा आरती में शामिल होने के साथ दोनों महत्वपूर्ण घाटों के बीच पहुंचने की दूरी कम हो जाएगी। योजना के अंतर्गत यात्रियों की सुविधा एवं पर्यटकों के आकर्षण हेतु नर्मदा नदी के किनारे 20 मीटर चौड़ा नर्मदा दर्शन पथ भी विकसित किया जाना है।

650 एकड़ भूमि शासकीय

योजना हेतु नर्मदा नदी के उत्तर की ओर विद्यमान रेलवे लाइन के मध्य तथा पूर्व दिशा में ग्राम भटोली व पश्चिम दिशा में ग्राम तिलवारा घाट पर विद्यमान मंडला की ओर जाने वाले जबलपुर बाईपास के मध्य लगभग 2 हजार एकड़ क्षेत्रफल में नगर निगम 1956 की धार 291 के तहत इस क्षेत्र का विकास पूर्ण किया जाएगा। क्षेत्र के भूमि स्वामियों से चर्चा कर आपसी करार के माध्यम से भूमि प्राप्त की जाएगी। विकास के पश्चात् भूमि स्वामियों को विकसित भूमि पुन: आवंटित की जा सकेगी। वर्तमान में संकलित शासकीय भूमि की जानकारी के अनुसार लगभग 650 एकड़ भूमि इस क्षेत्र में है।

जमीन का गणित

योजना का क्षेत्रफल 2,326 एकड़ योजना में विद्यमान विकसित क्षेत्र 421 एकड़ योजना में शासकीय भूमि 755 एकड़ नर्मदा से लगी 300 मीटर चौड़ाई में आरक्षित हरित क्षेत्र 610 एकड़ विकसित होने वाली भूमि उपयोग- आवासीय, सार्वजनिक, अर्धसार्वजनिक, वाणिज्यिक एवं कृषि हेतु क्या-क्या होगा कॉरीडोर में 20 मीटर चौड़ा मार्ग,जिसकी लंबाई 8.5 किमी होगी। जिसमें पैदल यात्रियों हेतु पाथवे, विकलांग एवं वृद्धजनों हेतु ई-रिक्शा, साइकिल ट्रैक, मार्ग के मध्य सुविधाएं, बैठक की व्यवस्था एवं नर्मदा के समीप दर्शन हेतु व्यू प्वाइंट जो कि घने वृक्षों से आच्छादित होगा।