51 में से 7 मिल चुकी परमिशनों के बाद पुन: नोटिस पर हड़कंप

51 में से 7 मिल चुकी परमिशनों के बाद पुन: नोटिस पर हड़कंप

ग्वालियर। डीआरडीई के परिधि में बने 51 बिना अनुमति की बिल्डिंगें तोड़ने के निर्देश आते ही भले ही निगम ने पुन: नोटिस जारी कर दिए हो, लेकिन निगम अधिकारी चिन्हित बिल्डिंगों में जोन 11 में 5 व जोन 14 में 2 परमिशन देने वाले पीड़ितों का पुन: बिना परमिशन देने के सूची में नाम होने पर रहवासियों में हड़कंप मच गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में नगर निगम ने डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 51 सम्पत्तियों को नोटिस जारी किए थे। लेकिन जोन क्रमांक 11 में से 5 सम्पत्तियों के निर्माण की स्वीकृति के दस्तावेज भवन स्वामियों द्वारा पेश कर किए थे। जिन्हें तत्कालीन सिटी प्लानर ज्ञानेन्द्र सिंह जादौन व भवन शाखा से जुड़े अधिकारियों ने जांचा था और अवैध निर्माण की सूची से बाहर निकलाने का आश्वासन देकर हाईकोर्ट में संशोधित सूची पेश करने की निर्देश दिए थे। लेकिन वर्तमान में आदेश होने पर पुन: 51 लोगों को ही नोटिस जारी किए गए है। साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद निर्माण की स्वीकृति किस तरह दी गई इसका जबाव भी कोर्ट द्वारा मांगा जा सकता है।

एमपी नगर की दो परमिशन की जांच के घेरे में

निगम द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए महाराणा प्रताप नगर में दो भवनों के निर्माण की स्वीकृति दे रखी है। यह स्वीकृति किस आधार पर दी गई है, इसको लेकर न्यायालय द्वारा निगम अधिकारियों से सवाल जवाब किए जा सकते हैं। हालांकि अभी इस मामले में अगर हाईकोर्ट निर्माण स्वीकृति देने संबंधी जानकारी मांगता है तो फिर अधिकारी नियम व दस्तावेज हाईकोर्ट में पेश करेगा।

जोन 11, 13 व 14 में स्थित है 51 संपत्तियां

डीआरडीईओ परिधि में आने के चलते जोन क्रमांक 11 व 13 में 28 के अलावा जोन क्रमांक 14 में 23 संपत्तियां है। इन्हीं में से जोन क्रमांक 11 में 5 व जोन क्रमांक 14 में 2 संपत्तियों की परमिशन आ चुकी है, लेकिन निगम अधिकारी अभी पूरी तरह से इस मामले से अज्ञान बने हुए हैं।