700 लोग रोज कर रहे दीनदयाल थाली का भोजन

700 लोग रोज कर रहे दीनदयाल थाली का भोजन

जबलपुर। दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना की दूसरी पारी को शुरू हुए महीनों हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 700 लोग यहां पर प्रतिदिन भोजन कर रहे हैं। इनमें से कई तो टिफिन तक साथ लेकर आ रहे हैं जो अपने परिवार के लिए खाना पैक करवा कर ले जाते हैं। व्यवस्था में इस बार इतना परिवर्तन जरूर आया है कि रोटी,चावल व सब्जी की सीमा तय कर दी गई है,अलबत्ता दाल जितनी खाने वाला चाहे दी जा रही है। नई व्यवस्था में रोटी तो गोकुलदास धर्मशाला में स्थित परिसर में ही बनवाई जा रही हैं मगर बाकी का पूरा खाना कटंगी स्थित दीनदयाल रसोई योजना के प्लांट से आता है। यही प्लांट स्कूलों में मध्यान्ह भोजन भी सप्लाई करता है। यहां सप्ताह के सातों दिन का मीनू अलग-अलग है। हर थाली चार खंड की होती है जिसमें से आधे खंड में चावल,बाकी दो में सब्जी,दाल होती है। यदि किसी का पेट न भरे तो वह अगली थाली की पर्ची कटवाकर और भोजन ले सकता है। कलेक्ट्रेट और ननि करते हैं सहभागिता दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का शहर में संचालन कर रही कंपनी के राहुल शुक्ला बताते हैं कि योजना के अंतर्गत कलेक्ट्रेट कार्यालय के फूड आॅफिस से रियायती दर पर अनाज मिलता है और बाकी की व्यवस्थाएं नगर निगम की होती हैं। हमारे कर्मचारी यहां पर लगे हैं। कुछ लोग शराब पीकर आकर हंगामा करने की कोशिश करते हैं जिन्हें हम समझाईश देकर शांत करवाते हैं। हमने ननि से एक गार्ड की मांग की है।

हालत देख करवा देते हैं खाना पैक

कई गरीब परिवार के लोग खुद तो खाना खाते हैं सा थ ही अपने परिवार के लिए पैक करवाने के लिए कहते हैं। उनकी दशा देखकर और खाने के बचने की स्थिति में उनके लिए खाना टिफिन में पैक करवा दिया जाता है। श्री शुक्ला ने बताया कि उनकी हालत ऐसी होती है कि मना करते नहीं बनता।

किस दिन क्या है मीनू

सोमवार- कढ़ी,चावल,रोटी व खीर

मंगलवार- छोला,चावल,रोटी

बुधवार- खिचड़ी,सब्जी,रोटी

गुरुवार- सब्जी,राहर दाल,रोटी,चावल

शुक्रवार- सब्जी,राहर दाल,रोटी,चावल

शनिवार- मूंग दाल,सब्जी,चावल

रविवार- खिचड़ी,सब्जी,रोटी