संबल योजना का फायदा लेने वाले अपात्रों पर बिजली कंपनी का एक्शन

संबल योजना का फायदा लेने वाले अपात्रों पर बिजली कंपनी का एक्शन

ग्वालियर। गरीबों को सस्ती बिजली देन के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्मंत्री जनकल्याण योजना संबल योजना का लाभ लेने वाले ऐसे उपभोक्ता जो इस गरीब नहीं है फिर भी फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकार को चूना लगाने वाले अपात्र उपभोक्ताआें पर कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने संबंल योजना के रजिस्ट्रेशन कराया था और हजारों की बिजली फूककर 200 रुपए का बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करना शुरू कर दी है। कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर अब इन्हें खपत की गई यूनिट का बिल भेजना भी शुरू किया गया है। बढ़ा बिल मिलने से उपभोक्ताआें को भी एकदम सदमा लग गया है, क्योंकि एसी चलाकर सेंटिंग की दम पर गरीबी रेखा का कार्ड या फिर अन्य दस्तावेज लगाकर मौज करने वाले ऐसे उपभोक्ताओं अब यह नहीं कर पाएंगे। कंपनी के मुताबिक 40 फीसदी ऐसे उपभोक्ता जो कि इस योजना में नहीं आ रहे थे फिर भी वह 200 रुपए की बिल भरकर हजारों की बिजली जला रहे थे। शहर में 2,15,000 घरेलू उपभोक्ताओं में 47,000 उपभोक्ता ऐसे में जिन्होंने संबंल योजना के लिए रजिस्ट्रेशन लेकर इसका लाभ ले रहे हैं।

कंपनी मान रही 100 यूनिट वालों को पात्र

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद संबल योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाला जो उपभोक्ता 100 यूनिट तक प्रतिमाह जला रहा है वही इसके लिए पात्र है। इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराकर इससे ज्यादा वाले उपभोक्ताओं के बिजली की खपत कुल खपत में 100 यूनिट का बिल माफ करके बाकी का बिल सभी चारों संभाग में शुरू कर दिया गया है। गुपचुप कराया सर्वे- अपात्र होकर भी योजना इस योजना का लाभ लेने वालो शिकायतों के चलते बिजली कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं का गुपचुप तरीके मीटर रीडरों से सर्वे कराया और इस सर्वे में यह जानकारी निकाली कि कौन उपभोक्ता 150 यूनिट बिजली जला रहा है उसके बाद 100 यूनिट से ज्यादा वालों एवं जिनके घर का लोड़ एक किलोवाट से अधिक है इनकी सूची तैयार कराई और यह प्रकिया प्रारंभ की है। हालांकि चुनावी आचार सहिंता समाप्त होने के बाद भी पोर्टल नहीं खुलने की वजह से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे हैं जिसकी वजह से कुछ पात्र लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।