बारिश का पानी निकला तो नाले-नालियों की गंदगी फैला रही चौतरफा बीमारियां

बारिश का पानी निकला तो नाले-नालियों की गंदगी फैला रही चौतरफा बीमारियां

जबलपुर। शहर के निचले क्षेत्रों में बारिश के 4 दिन गुजरने के बाद भी कई जगह पानी का भराव देखने मिल रहा है। घरों से लोगों ने पानी उलीच-उलीच कर बाहर किया है मगर पानी की शीत अभी भी बरकरार है। वहीं नाले-नालियों में अटी पड़ी गंदगी से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। कमोबेश यह हालत पूरे शहर में है। नगर निगम द्वारा किए जा रहे दवा छिड़काव और मच्छर विनिष्टिकरण के दावे कहीं भी सही नजर नहीं आ रहे हैं। जिस तरह से मच्छरों की तादात में बढ़ोत्तरी हुई है उसे देखते हुए कीटनाशक दवा छिड़काव का असर होता नहीं दिखता। बीते सप्ताह हुई भारी बारिश ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। कई कच्चे मकान ढह गए थे। सैकड़ों दीवारें गिरी थीं और हजारोंपरिवारों ने जागते रात बिताई थीं। घरघर वायरल का प्रकोप शहर में शायद ही कोई घर हो जिसमें कोई न कोई सदस्य बुखार की चपेट में न हो। किसी को वायरल तो किसी को मलेरिया है। प्राईवेट डॉक्टर्स और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी दिख रही है। बारिश का सबसे बढ़ा साइड इफेक्ट बच्चों और बुजुर्गों में देखने मिल रहा है। गाल बजा रहा ननि नगर निगम लगातार संक्रामक बीमारियों और मच्छरों के विनिष्टिकरण हेतु दावे कर रहा है। इसके लिए भारी -भरकम अमला लगा हुआ बताया जा रहा है। यह अमला कहां पर काम कर रहा है और इसके रि जल्ट क्या हैं यह नहीं बताया जाता। जाहिर बात है कि यदि कहीं पर रासायनिक दवाओं का छिड़काव किया गया है या मच्छर विनिष्टिकरण के लिए दवा छिड़काव हुआ है तो वहां लोगों को राहत तो मिलनी चाहिए। क्रमवार तरीके से वार्डवार छिड़काव हो तो रिजल्ट का पता भी चले।

भारी बारिश के बाद भी नहीं बह पाई गंदगी

नालों की सफाई की हालत इसी से समझी जा सकती है कि इतनी भारी बारिश होने के बावजूद इनका कचरा व गंदगी बह नहीं पाई है। यही गंदगी बारिश में खाली प्लॉटों,सड़कों और घरों में प्रवेश कर गई थी। अब लाख सफाई के बावजूद लोग दुर्गन्ध और मच्छरों से निजात नहीं पा रहे हैं।