अटल इन्क्यूबेशन सेंटर लोगों को स्वाभिमान से जोड़ने वाला साधन है: राज्यपाल

अटल इन्क्यूबेशन सेंटर लोगों को स्वाभिमान से जोड़ने वाला साधन है: राज्यपाल

भोपाल ।  रोजगार के अवसर और उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए नीति आयोग भारत सरकार द्वारा अटल इनोवेशन मिशन के तहत रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में अटल इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। इसका उद्घाटन गुरुवार को समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने किया। इस मौके पर उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि नीति आयोग द्वारा प्रारंभ किए गए अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत भोपाल के शिक्षण संस्थानों में स्थापित होने वाला यह पहला अटल इंक्यूबेशन सेंटर है। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण कि जो भव्य कल्पना की गई है। उसकी आज एक ईंट रखी गई है जो निश्चित ही भवन तक पहुंचेगी। पहले भी हमारा देश संपन्न था और हर व्यक्ति के हाथ में कोई न कोई हुनर था। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर में सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ विद्यार्थी उठा सकते हैं। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर लोगों को स्वाभिमान से जोड़ने वाला साधन है। उन्होंने आह्वान किया कि संसाधन और नीतियों की कोई कमी नहीं है अपनी अंतरआत्मा को जगाइए। भारत को इतिहास में सोने की चिड़िया कहा जाता था। हमें वापस इसे सोने की चिड़िया बनाना है। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मैनेजिंग पार्टनर वेंचर कैटेलिस्ट एवं मेंटर, स्टार्टअप एवं उद्यमशीलता उत्तर प्रदेश सरकार विनायक नाथ, मैनेजिंग पार्टनर यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स अनिल जोशी उपस्थित रहे। साथ ही रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चैबे, नोडल अधिकारी स्टार्टअप और इंक्यूबेशन सेल एमएसएमई विभाग मप्र वीसी दुबे, आईसेक्ट समूह के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट सिद्धार्थ चतुर्वेदी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके ग्वाल और कुलसचिव डॉ. विजय सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संतोष चौबे ने अपने संबोधन में आईसेक्ट संस्था और विश्वविद्यालय के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आगे कहा कि उद्यमिता और स्टार्ट अप, देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इस बात से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेट हो रहे स्टार्टअप्स की मदद के लिए संतोष चौबे द्वारा एक करोड़ रुपए के सीड फंड की घोषणा की। नए स्टार्टअप्स के पास एक बेहतर आइडिया होता है, लेकिन कई बार फंड न मिलने की वजह से ये आइडिया बेकार भी चला जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी स्टार्ट अप्स एवं युवा उद्यमियों को आवश्यक संसाधन, अवसर एवं सुविधाओं को उपलब्ध कराने के अपने उद्देश्य में विश्वविद्यालय स्थित यह अटल इंक्यूबेशन सेंटर अपनी एक सफल भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अनिल जोशी ने कहा कि आज का समय स्टार्ट अप्स के लिये सबसे अनुकूल समय है। जब ऐसे इन्क्यूबेशन सेंटर व तमाम अन्य संसाधन एक स्टार्ट अप्स की मदद के लिए तैयार खड़े हैं। मुख्य वक्ता विनायक नाथ ने स्टार्ट अप्स से कहा कि अपने मेंटर की सोच से चलिए, मेहनत करिए सफल जरुर होंगे। इन्होंने मध्यप्रदेश में भी इन्वेस्ट करने की भी बात कही।

स्टार्टअप के लिए होंगी सभी सुविधाएं

इससे पूर्व आईसेक्ट समूह के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने अटल इंक्यूबेशन सेंटर का परिचय देते हुए बताया कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित अटल इंक्यूबेशन सेंटर में चयनित स्टार्ट अप्स के लिए आधुनिक स्तर की सुविधाओं के साथ ही थ्रीडी प्रिंटिंग लैब, लेजर कटिंग मशीन, फैब लैब भी स्थापित की गई है। इन सुविधाओं के अलावा स्टार्ट अप्स के लिए सेक्टोरल विशेषज्ञों से जुड़ना, बिजनेस प्लानिंग सपोर्ट इंडस्ट्री पार्टनरशिप, इंडस्ट्री मेंटर से जोड़ना जैसी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इस मौके पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के प्रॉसपेक्टस का विमोचन भी किया गया। आभार प्रदर्शन रबीन्द्रनाथ टैगोर विष्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह ने किया।