सराफा कारोबारी करोड़ों रु. लेकर परिवार सहित गायब

सराफा कारोबारी करोड़ों रु. लेकर परिवार सहित गायब

ग्वालियर शहर का एक सराफा कारोबारी बाजार का करोड़ों रुपया लेकर रातों रात परिवार सहित गायब हो गया। जब कर्जदारों ने उसके घर व दुकान में ताला लटका देखा, तो उनमें हड़कंप मच गया। फिलहाल गायब व्यापारी का कोई सुराग नहीं लग सका है। यहां बता दें कि कसेरा ओली निवासी संजय रेनवाल व दीपक रेनवाल द्वारा सराफा बाजार में लगभग बीते तीन वर्षों से रेनवाल ज्वेलर्स के नाम से दुकान संचालित की जा रही थी। बताया गया है कि इससे पूर्व इनका सराफा बाजार में ही बर्तनों का कारोबार था, इस कारण मार्केट में बनी इसी साख का फायदा उठाते हुए उन्होंने हुंडी के रूप में कारोबारियों से करोड़ों रुपए की उधारी कर डाली। जब पैसा वापस करने को व्यापारियों ने दबाव बनाना शुरू किया, तो दोनों भाई रातों-रात परिवार सहित भूमिगत हो गए। बताया गया है कि गुरुवार तक यह लोग शहर में ही थे तथा इनकी दुकान भी खुली थी। इस दौरान एक व्यापारी तो दबाव बनाकर अपना सोना इनसे वापस भी ले भी गया था, लेकिन इसके बाद अगले दिन अर्थात् शुक्रवार से इनके घर व दुकान में ताला डला हुआ है और उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। दोनों भाइयों के परिवार सहित इस तरह गायब हो जाने से मार्केट में हंगामा मच गया। जिन व्यापारियों का इनके पास पैसा है, वह अपना पैसा डूबने की आशंका से इनकी खोजबीन मे जुटे हुए हैं।

शिकायत करेंगे तो मदद करेगा चेंबर

वहीं इस मामले में पीपुल्स समाचार ने जब चेंबर आॅफ कॉमर्स के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय गोयल से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि ऐसी सूचना तो आई है, लेकिन फिलहाल कोई भी व्यापारी हमारे पास नहीं आया है। यदि कोई व्यापारी हमारे पास शिकायत लेकर आता है, तो चेंबर पूरी मदद करेगा। गोयल ने बताया कि इस तरह के मामलों के लिए चेंबर द्वारा चार-पांच दिनों में ही हुंडी समिति का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से व्यापारियों की इस तरह की समस्याओं की सुनवाई की जाया करेगी।

लगभग 15 करोड़ रुपया लेकर भागे

सराफा बाजार से जुड़े सूत्रों की मानें तो रेनवाल बंधु व्यापारियों का लगभग 15 करोड़ रुपया लेकर भागे हैं। बताया गया है कि उन पर शहर के कुछ प्रतिष्ठित व्यापारियों की ब्लैक मनी भी फंसी हुई है, जिस कारण वह एकाएक पुलिस में न जाते हुए पहले अपने स्तर पर ही मामला निपटाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हालांकि शनिवार को कुछ कर्जदारों ने बैठक कर दो दिन इंतजार करने के बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाने का निर्णय लिया है।