बेलगढ़ा हत्याकांड : सीसीटीवी से निकलेगा किसान की मौत का सच

बेलगढ़ा हत्याकांड : सीसीटीवी से निकलेगा किसान की मौत का सच

ग्वालियर    बेलगढ़ा थाने में 11 अगस्त को हुई किसान सुरेश सिंह रावत की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में करैरा के डीएसपी आत्माराम शर्मा मंगलवार को देर शाम पहुंचकर अपनी पड़ताल शुरू करेंगे। डीएसपी की पड़ताल का मुख्य इश्यू सीसीटीवी कैमरा के फुटेज हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन फुटेज में सुरेश सिंह फंदे पर लटकता दिख रहा है। उधर न्यायिक जांच पृथक से हो रही है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सीसीटीवी फुटेज में सुरेश सिंह रावत फं दे पर लटकता दिख रहा है लेकिन फुटेज में फंदे पर जाते हुए, अपनी गर्दन में साफी लपेटते हुए वह दिख रहा है कि नहीं। चूंकि सबकुछ खुले में हुआ था, इसलिए उस समय किसी पुलिस कर्मी ने देखा या नहीं। क्योंकि घटना को लेकर जाम या विवाद की स्थिति तो सुरेश सिंह के मरने की खबर फैलने के बाद हुई थी। सवाल यह भी है कि जब वह फंदे पर लटकने जा रहा था तब पुलिस वालों ने मॉनीटर पर उसे देखा था या नहीं।

मारकर तो नहीं लटका दिया

यह सवाल भी जांचकर्ता अधिकारी डीएसपी आत्मा राम शर्मा को परेशान कर रहा है कि पुलिस अभिरक्षा में मौत में पुलिस बालों की भूमिका क्या रही? कहीं मारपीट के दौरान ही उसकी दम चली गई तो मृतक सुरेश सिंह को फंदे पर लटका दिया हो? डीएसपी आत्माराम शर्मा कहते हैं कि घटना के बारे में सभी तथ्यों को बारीकी से खंगाला जाएगा। उधर न्यायिक जांच आयोग के जज विनायक गुप्ता भी अपने स्तर पर पड़ताल कर रहे हैं। अभी निलंबित पुलिस कर्मियों के बयान जांच आयोग के अलावा डीएसपी को भी लेना है। केश की फायनल डायरी आत्माराम शर्मा भी लिखेंगे। अगर केश डायरी में हत्या बात सिद्ध हुई तो जरूर थाना प्रभारी विजय सिंह राजपूत सहित सभी छह पुलिस कर्मियों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी।