बिना कलेक्टर अनुमोदन के मिले 6 बार लाइसेंस हो सकते हैं निरस्त

बिना कलेक्टर अनुमोदन के मिले 6 बार लाइसेंस हो सकते हैं निरस्त

ग्वालियर ।   निलंबित सहायक आबकारी आयुक्त द्वारा 23 बार लाइसेंसों को बिना कलेक्टर अनुमोदन के आबकारी आयुक्त के पास पहुंचाने का मामला तूल पकड़ गया है, क्योंकि 23 बार लाइसेंसों के प्रस्ताव वापसी के पहले मिले 6 बार लाइसेंसों को आबकारी आयुक्त द्वारा दी स्वीकृति तक की प्रक्रिया की कलेक्टर जांच करेंगे। जिसमें अनदेखी उजागर होने के बाद 6 बार लाइसेंस निरस्त हो सकते है। ग्वालियर में वित्तीय वर्ष 2018- 19 में संचालित रेस्तरा बार (एफएल-2), होटल बार (एफएल-3 क), सविलियन क्लब बार (एफएल-4), व्यवसायिक क्लब बार (एफएल-4 क) के लगभग 29 बार लाइसेंसों को वर्ष 2019-20 के लिए नवीनीकरण हेतु बिना कलेक्टर अनुमोदन के सीधे आबकारी आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव की ओर प्रेषित किया गया था। इसके बाद आबकारी आयुक्त ने वास्ते कलेक्टर लिखकर आई सभी फाइलों के नवीनीकरण के संबंध में 6 बार लाइसेंसों को हस्ताक्षर कर अनुमति दे दी और 23 फाइलें बिना अनुमोदन के पहुंचाने पर आपत्ति कर सहायक आयुक्त आबकारी को कलेक्टर अनुमोदन होने के बाद प्रकरण पेश करने के हिदायत दे डाली। मामले बिना अनुमोदन के बार लाइसेंसो की फाइलें पहुंचाने के मामले में कलेक्टर ग्वालियर भी सख्त हो गए और उन्होंने तत्काल ग्वालियर जिले के तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा को निर्देशों की अनदेखी के चलते कारण बताओ नोटिस दे दिया।

6 बार लाइसेंस हो सकते है निरस्त

अनदेखी के चलते आबकारी आयुक्त के अनुमोदन पा चुके डबरा के प्रशान्त बार, ग्वालियर के मैनावाली गली में यौक्स बार, शिंदे की छावनी पर सुदर्शन बार, होरीजोन प्लाजा बार, होटल लैंडमार्क व रेडीसन के बार निशाने पर हैं। इनकी जांच में नियमों की पूर्ति न होने के चलते निरस्त किया जा सकता है।

अधिकारियों की मिलीभगत देखने के लिए होगी जांच

कलेक्टर द्वारा 23 बार लाइसंसों को सहायक आबकारी आयुक्त द्वारा बिना अनुमोदन के नवीनीकरण हेतु पहुंचाने की जांच होगी। इनमें मुख्य रूप से 6 अनुमोदन पा चुके बार लाइसेंसों को टारगेट पर रखा जाएगा। साथ ही देखा जाएगा कि आबकारी आयुक्त को पेश करने में अनदेखी कैसे हुई और इसमें किसकी मिलीभगत है। जिससे किसको फायदा हो रहा है।