चैत्र नवरात्र: सातवें दिन आज होगी मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना

चैत्र नवरात्र: सातवें दिन आज होगी मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना

जबलपुर । आदिशक्ति मां जगदम्बा के महापर्व नवरात्र का छटवां दिन है। इस दिन मां कात्यायनी माता का पूजन अर्चन किया जाता हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित वासुदेव शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में नौ दिनों तक मां आदि शक्ति के नौ अलग-अलग स्वरुपों की विशेष रुप से पूजन करने का विधान है। जिसमें सोमवार षष्ठी तिथी की देवी कात्यायनी को माना जाता है। कात्यायनी स्वरुप मां आदि शक्ति का छटवां स्वरुप है, इसलिए षष्ठी तिथी को कात्यायनी माता की आराधना की जाती है। कात्यायनी माता शक्ति प्रदान करने वाली देवी हैं, जो अपने भक्तों को हर प्रकार की विघ्न, बाधाओं एवं परेशानियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करती हैं।

बुरी शक्तियों से बचाती है

नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि की पूजा की जाती हैं। माता कालरात्रि बुरी शक्तियों से पृथ्वी को बचाने और पाप को फैलने से रोकने के लिए मां ने अपने तेज से इस रुप को उत्पन्न किया था।

बिना भक्तों के मंदिरों में पुजारी कर रहे पूजन

नवरात्र में मां दुर्गा के सभी मंदिरों में विशेष पूजन एवं अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मंदिरों के पट भक्तों के लिए पूरी तरह से बंद हैं। मंदिरों में अनुष्ठान संपन्न करने वाले आचार्यों के अलावा अन्य कोई भी भक्त मंदिरों में प्रवेश नहीं कर रहा है, जबकि कुछ सार्वजनिक दुर्गा मंदिरों एवं अन्य मंदिरों के पट पूर्ण रुप से बंद हैं।

बगलामुखी मंदिर में विशेष अनुष्ठान

बगलामुखी मंदिर सिविक सेंटर के ब्रम्हचारी चैतन्यानंद महाराज ने बताया कि नवरात्र में मां बगलामुखी मंदिर में असंख्य अखंड ज्योति कलश की स्थापना कर आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजन-अर्चन किया जा रहा है। नवरात्र में माता का विशेष श्रंगार एवं महाआरती की जा रही है। कोरोना महामारी से बचने के लिए भी मंदिर में रहने वाले बटुकों एवं आचार्यों द्वारा विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।