सेल पर तिलवारा कठौंदा सहित 5 स्थानों पर पहुंचे चीफ जस्टिस

सेल पर तिलवारा कठौंदा सहित 5 स्थानों पर पहुंचे चीफ जस्टिस

जबलपुर । जबलपुर के इतिहास में शनिवार को पहला ऐसा मौका आया जब मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस व्हीके शुक्ला की युगलपीठ ने शहर में चल रहे विकास कार्यों का मौके पर जाकर मैराथन निरीक्षण किया। उक्त निरीक्षण दायर मामलों की सुनवाई का एक हिस्सा ही था, जिस पर पांचों जगह के निरीक्षण उपरांत अब 24 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर कोर्ट में फैसला दिया जाएगा। शनिवार सुबह 11.30 बजे शैलपर्ण उद्यान पहुंचे चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बैंच को मदन महल पहाड़ियों से हटाए गए अतिक्रमणों की पूरी जानकारी वीडियो प्रेजेन्टेशन के माध्यम से दी गई। नगर निगम के अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने बताया कि पहाड़ी की 640 हैक्टेयर कुल जमीन पर 37 सौ अतिक्रमण चिन्हित किए गए, जहां से 3205 अतिक्रमण हट चुके हैं, शेष कार्रवाई जारी है। खाली हो चुकी जगहों पर फैन्सिंग करके पौधारोपण किया जा रहा है। साथ ही उसकी देखभाल के भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। इस दौरान वहां पर नगर निगम, स्मार्ट सिटी और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। जस्टिस शुक्ला ने पूछा कि मदन महल पहाड़ी से लगा हुआ सैनिक सोसायटी का भी इलाका है। शहर में अन्य पहाड़ियों पर निर्माण कार्य हुए हैं। उनके बारे में क्या किया जा रहा है। इस पर न्यायधीशगण को बताया गया कि शेष पहाड़ियों पर भी विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीजे का काफिला चौहानी श्मशानघाट पहुंचा, जहां के विकास कार्यों का भी बेंच ने निरीक्षण किया।

नदी के किनारे पहुंचकर लिया जायजा

इसके बाद दोपहर 12.30 बजे सीजे का काफिला तिलवारा घाट पहुंचा, जहां युगलपीठ ने नदी के किनारे जाकर तक पहुंचकर पूरा जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि नर्मदा मिशन व समर्थ गौर चिकित्सा केन्द्र के अध्यक्ष शिव यादव की ओर से दायर एक जनहित याचिका में नर्मदा तट पर हो रहे निर्माण कार्यों को चुनौती दी गई है। बैंच ने दयोदय में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अधिवक्ता विजय पाण्डेय ने वहां का मानचित्र बैंच को दिखाया। इस दौरान अधिवक्ता विपुल वर्धन जैन ने भी निर्माण कार्य की जानकारी दी। वहां किए जा रहे दावों पर चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि वे अभी सिर्फ स्थल निरीक्षण करने आए हैं। जो भी दावे और दलीलें हैं, वो सब कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुनीं जाएंगी। इसके बाद उन्होंने प्रशासन द्वारा चिन्हित हाई μलड लेवल देखा। उसके बाद वे नर्मदा मिशन के गौ सेवा केन्द्र भी गए। तिलवारा पर बने नए पुल के ऊपर से दयोदय में हो रहे निर्माण कार्य को देखा। महाधिवक्ता शशांक शेखर ने उन्हें नदी को लेकर विस्तार से जानकारी भी दीं।

प्लांटों का भी किया निरीक्षण

दोपहर डेढ़ बजे के लगभग सीजे का काफिला कठौंदा में बने 150 मेगावॉट के ट्रीटमेंट प्लान्ट को देखने पहुंचे। वहां पहुंचते ही न्यायधीशगण व अन्य सभी को पहले सुरक्षा के लिहाज से मास्क पहनाया गया। वहां पर कम्प्यूटर पर प्लान्ट से संबंधित पूरी जानकारी विस्तार से बताई गई। प्लान्ट का निरीक्षण करने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्हें वो इलाका दिखाया जाए, जहां पर अभी सीवर लाईन बिछाने का काम चल रहा है। कठौंदा से काफिला अधारताल के पास स्थित धनी की कुटिया के पास पहुंचा। चीफ जस्टिस ने निर्माण कार्य का अवलोकन किया। जहां पर उन्होंने स्थानीय लोगों से बात करके जाना कि लोगों को सीवर के काम से किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद बैंच को विजय नगर में स्थित जेडीए की कॉलोनी ले जाया गया, जहां के घरों को सीवर लाईन से जोड़ा गया है।