मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि बढ़ेगी, उद्यानिकी नीति आएगी

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि बढ़ेगी, उद्यानिकी नीति आएगी

भोपाल। मुख्यमंत्री स्वैच्छानुदान बढ़कर सौ करोड़ हो सकती है। इसके साथ ही महिलाओं, युवाओं और एससी-एसटी वर्ग को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्यानिकी क्षेत्र में संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए जमीन और सब्सीडी छूट के लिए नई उद्यानिकी नीति आ सकती है। गुरूवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक प्रस्ताव लाए जाएंगे। इनमें एक बड़ा मामला सीएम स्वैच्छानुदान से संबंधित होगा। इस राशि को बढ़ाकर सौ करोड़ तक की जा सकती है। एक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अबतक करीब डेढ़ सौ करोड़ तक का स्वैच्छानुदान वितरित कर चुके हैं।

सीएम बागवानी योजना

कैबिनेट बैठक में नई उद्यानिकी नीति को हरी झंडी मिल सकती है। मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना का भी प्रस्ताव है। नई नीति में होशंगाबाद जिले के बाबई में निवेश बढ़ाने को जोड़ा गया है। यहां चार बड़े बाग बनाए गए हैं तथा एक-एक एकड़ के सौ प्लाट्स तैयार किए जाएंगे। यहां उद्यानिकी विकसित करने पर सरकार 20 प्रतिशत जमीन मुμत में देगी। निवेश के लिए बाहरी और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यक्तिगत तौर पर 50 फीसदी तक जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है। इसी तरह फूड प्रोसेसिंग के लिए सब्सीडी की राशि 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 फीसदी की जा सकती है। महिलाओं को 3 और एससी-एसटी वर्ग के लिए अतिरिक्त 2 प्रतिशत सब्सीडी का लाभ देने की योजना है। बाबई और छिंदवाड़ा में उद्यानिकी को विकसित करने मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना को मंजूरी देने संबंधी प्रस्ताव है। हरी झंडी मिलने पर एससी-एसटी के लिए 70 फीसदी तक अनुदान का प्रावधान हो सकता है।