बच्चों के बनाए मॉडल्स पर्यावरण को बचाने में मददगार हो सकते है

बच्चों के बनाए मॉडल्स पर्यावरण को बचाने में मददगार हो सकते है

भोपाल  ।भेल दशहरा मैदान में चल रहे चार दिवसीय विज्ञान मेले का सोमवार को समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि और प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेले का आयोजन भोपाल सीएसआईआर-एम्प्री, विज्ञान प्रसार, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली और विज्ञान भारती, भोपाल की ओर से संयुक्त रूप से किया गया था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि सबसे पहले में लगातार आठ सालों से सफलतापूर्वक भोपाल में इस आयोजन के लिए पूरे प्रदेश को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि हमारा देश निरंतर विज्ञान के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मेले में मौजूद कुछ मॉडल्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह मॉडल्स जिस तरह पानी, बिजली और पर्यावरण को बचाने का तरीका बताते हैं, उन्हें अपनाया जा सकता है और काफी मात्रा में रिसोर्सेज को बचाया जा सकता है। उन्होंने मेले में स्टॉल्स पर मौजूद स्टूडेंट के इनोवेटिक आइडिया की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। शाम को समापन समारोह के पहले दिन भर मेले में अलग-अलग स्कूल और कॉलेज स्टूडेंट की खासी भीड़ नजर आई।

पीपुल्स यूनिवर्सिटी ने भोपाल विज्ञान मेले में हासिल किया दूसरा स्थान

विज्ञान मेले में पीपुल्स विश्वविद्यालय के साइंटिफिक रिसर्च मॉडल्स ने दूसरा स्थान हासिल किया। ये सभी साइंटिफिक रिसर्च मॉडल्स पीपुल्स यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा बनाए गए हैं साइंटिफिक रिसर्च मॉडल्स मानव शरीर में मौजूद क्रियाएं जैसे परिसंचरण तंत्र या सर्कुलेटरी सिस्टम, यूरिन फार्मेशन , मसल कॉन्ट्रैक्शन, अपर लिंब फंक्शनल रिहैबिलिटेशन यूनिट, स्लांट बोर्ड, सेंट्रीμयूज, हॉट प्लेट विथ नीडल कटर, एक्सपेक्टेड डिलीवरी डेट व्हील, ब्लड ग्रुप मॉडल, न्यूरो हुमुरल ट्रांसमिशन इन पार्किंसन डिसीज इत्यादि ने दर्शकों को खूब आकर्षित एवं जागरूक किया। स्कूल आफ फार्मेसी एंड रिसर्च के बी फार्मा के छात्र सुषमा बारा, लखन राजपूत, रामेश्वर सिसोदिया एवं अनूप कुमार वर्मा ने न्यूरो ह्यूमोरल ट्रांसमीटर प्रस्तुत किया। जो मानव शरीर में पार्किंसन डिसीज से होने वाले अवरोधों से निपटने में कैसे सहायक सिद्ध होता है यह बताया गया। पार्किंसन बीमारी उम्र के साथ बढ़ती है। यह न्यूरोलॉजिकल समस्या शरीर के न्यूरो ट्रांसमीटर में संतुलन बिगड़ने से होती है। साइंटिफिक रिसर्च मॉडल न्यूरो हुमुरल ट्रांसमिशन द्वारा बिगड़ी हुई शारीरिक गतिविधि को कैसे विनियमित किया जाए यह बताया गया। ट्रस्टी एवं डायरेक्टर पीपुल्स ग्रुप मेघा विजयवर्गीय , डायरेक्टर पीपुल्स ग्रुप मयंक विश्नोई ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी के सभी प्रतिभागियों को इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।