जाधव मामले में चीन के जज ने किया सपोर्ट, पाक को लगा झटका

जाधव मामले में चीन के जज ने किया सपोर्ट, पाक को लगा झटका

बीजिंग। कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे ने बुधवार को जो फैसला सुनाया है उसमें चीन की न्यायाधीश बहुमत के साथ हैं जिसे पाकिस्तान के लिए एक झटका माना जा रहा है। आईसीजे में न्यायाधीश शुए हांकिन्स का मत 16 सदस्यीय पीठ में 15 न्यायाधीशों के मतों में शामिल है और उनके फैसले पर यहां अभी तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन इसे चीन में भारत की राजनयिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

जाधव मामले में ‘कानून के अनुसार’ बढ़ेेंगे : पाकिस्तान

पाकिस्तान ने कहा कि वह कुलभूषण जाधव मामले में ‘कानून के अनुसार’ आगे बढ़ेगा। आईसीजे के फैसले पर पाक ने कहा कि पाकिस्तान को भारतीय नागरिक की मौत की सजा की समीक्षा करनी चाहिए जो पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में सुनाई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक ‘जिम्मेदार सदस्य‘ के रूप में पाकिस्तान ने शुरू से ही मामले में अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखी और बहुत कम समय के नोटिस के बावजूद सुनवाई के लिए अदालत में पेश हुआ। पाक ने फिर दोहराया कि जाधव ने किसी प्रामाणिक भारतीय पासपोर्ट पर किसी वीजा के बिना पाकिस्तान में हुसैन मुबारक पटेल के नाम से प्रवेश किया था।

वकील के तौर पर संतुष्ट हूं: हरीश साल्वे

इधर जाधव मामले में भारत का पक्ष रखने वाले वकील हरीश साल्वे ने कहा कि वह आईएसीजे के फैसले से खुश हैं। यह फैसला जाधव की फांसी की सजा की तामील पर रोक लगाएगा और भारतीय नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा‘एक वकील के तौर पर मैं संतुष्ट हूं। फैसले से मुझे राहत महसूस हुई है। कोर्ट ने कहा कि फांसी देने का तो प्रश्न ही नहीं है, इसलिए मैं बहुत प्रसन्न हूं।

जाधव मामले में भारत ने 1 रुपया और पाक ने करोड़ों खर्च किए

देश के जाने-माने वकील हरीश साल्वे ने जाधव का केस आईसीजे में लड़ने के लिए बतौर फीस महज एक रुपया लिया। वहीं, पाकिस्तान ने जाधव को जासूस साबित करने के लिए अपने वकील पर 20 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 15 मई 2017 को एक ट्वीट में यह जानकारी दी थी कि साल्वे ने जाधव का केस लड़ने के लिए एक रुपया लिया है।