अस्पताल के लेबर रूम में गंदगी देखकर बिफरे सीएमएचओ

अस्पताल के लेबर रूम में गंदगी देखकर बिफरे सीएमएचओ

जबलपुर। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष कुमार मिश्रा अचानक रांझी अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य केन्द्रों में निरीक्षण करने जा पहुँचे। इस दौरान उन्हें अस्पताल के लेबर रूम में जब चौतरफा गंदगी नजर आई तो वे काफी बिफर पड़े और स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। सीएमएचओ डॉ. मिश्रा लगातार सरकारी अस्पतालों की मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं और इसी कड़ी में वे रांझी अस्पताल निरीक्षण करने पहुँचे थे। जब उन्होंने वहाँ गंदगी का नजारा देखा तो स्टाफ से सवाल किया कि यह गंदगी किस हद तक भर्ती मरीजों को नुकसान पहुँचा सकती है, आप लोगों को अंदाजा है? स्टाफ को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि सारे कर्मचारी लापरवाह नहीं हैं, पर कुछ लोगों की वजह से समूची व्यवस्था को पलीता लग रहा है। इसलिए लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाये।

जननियों से जाना हाल

सीएमएचओ डॉ. मिश्रा ने भर्ती जननियों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। अस्पताल में मिल रही व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की तथा चिकित्सा सेवा की कमी को रेखांकित करते हुए जिम्मेदारों को पर्याप्त सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिये।

एनक्यूएस सर्टिफिकेशन में नंबर वन आया लेडी एल्गिन हॉस्पिटल

रानी दुर्गावती अस्पताल (लेडी एल्गिन) को आखिर लंबी कवायद के बाद एन.क्यू.एस. सर्टिफिकेट हासिल हो गया। एल्गिन अस्पताल मध्यप्रदेश के सरकारी हॉस्पिटलों में एन.क्यू.एस. सर्टिफिकेट लेने वाला पहला संस्थान बन गया है। अस्पताल के आरएमओ डॉ. संजय मिश्रा के मुताबिक सितम्बर माह में नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टेण्डर्ड के राष्ट्रीय प्रमाणीकरण के लिये निरीक्षण किया गया था, इसमें चिकित्सालय के 14 विभाग शामिल किये गये थे। नेशनल हेल्थ सिस्टम एवं रिसर्च द्वारा नियुक्त इंस्पेक्टर्स की रिपोर्ट के बाद एल्गिन अस्पताल को 95 प्रतिशत अंक हासिल हुए और इस तरह नंबर वन की बाजी मार ली। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.के. खरे के अनुसार उक्त सर्टिफिकेशन के बाद उन्नयन के लिये 10 हजार रु. प्रति पलंग, प्रति वर्ष अतिरिक्त राशि मिलेगी, साथ ही अन्य विशेष सुविधाओं का भी प्रावधान है।