विवाद: अजाक्स की सशर्त पदोन्नति की मांग पर सपाक्स नए नियम पर अड़ा

विवाद: अजाक्स की सशर्त पदोन्नति की मांग पर सपाक्स नए नियम पर अड़ा

भोपाल   पदोन्नति में आरक्षण नियमों के तहत ही सशर्त पदोन्नति दिए जाने की मांग को लेकर एक हजार से ज्यादा हस्ताक्षर वाला ज्ञापन मुख्यमंत्री कमलनाथ को अजाक्स (अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ) ने सौंपा। दूसरी ओर सपाक्स (सवर्ण, पिछड़ा, अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी संस्था) ने साफ कर दिया है कि विवाद ही पदोन्नति नियम-2002 को लेकर है, ऐसे में सशर्त पदोन्नति जून 2002 की स्थिति में वरिष्ठता निर्धारण करके दी जाए। अन्यथा कांग्रेस का हश्र भी भाजपा जैसा करेंगे। अजाक्स की मंत्रालयीन शाखा के अध्यक्ष घनश्याम दास भकोरिया की अगुवाई में सीएम कमलनाथ को सौंपे गए ज्ञापन में 30 अप्रैल 2016 से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण पदोन्नति ठप होने की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। अजाक्स ने मांग की है कि प्रचलित नियमों यानि पदोन्नति नियम-2002 के अनुसार ही सशर्त पदोन्नति दी जाए। इससे कर्मचारियों में बढ़ रही हताशा रुकेगी और कार्यकुशलता बढेÞगी। इस बारे में सभी सवंर्गों के कर्मचारियों ने ज्ञापन में हस्ताक्षर भी किए हैं।

यह है नियम

सपाक्स के अध्यक्ष डॉ कांतिलाल साहू ने साफ कहा है कि प्रमोशन में रिजर्वेशन का नियम हटाकर जून- 2002 की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण करके ही पदोन्नति दी जानी चाहिए, क्योंकि प्रमोशन में रिजर्वेशन नियम 2002 को तो हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्णय में साफ कर दिया है कि अजा -जजा पर भी क्रीमीलेयर का नियम लागू होगा।