कफ सिरप से जम्मू में 9 बच्चों की मौत, 8 राज्यों में दवा बैन

कफ सिरप से जम्मू में 9 बच्चों की मौत, 8 राज्यों में दवा बैन

नई दिल्ली। कोल्डबेस्ट-पीसी नाम की एक कफ सिरप में जहरीला पदार्थ पाया गया है। जम्मू के ऊधमपुर में इस कफ सिरप को पीने के बाद नौ बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद कम से कम आठ राज्यों को कहा गया है कि वे इसकी सेल और डिस्ट्रीब्यूशन रोकें। यह कफ सिरप हिमाचल प्रदेश की फार्मास्यूटिकल्स कंपनी डिजिटल विजन बनाती है। जम्मू- कश्मीर के ड्रग एंड फूड कंट्रोल आॅर्गनाइजेशन के असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर सुरिंदर मोहन ने कहा, चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के अधिकारियों ने हमें बताया है कि ऊधमपुर जिले में बच्चों की मौत प्रथमदृष्ट्या कोल्डबेस्ट-पीसी सिरप में मौजूद जहरीले कंपाउंड डाइएथीलीन ग्लाइकोल की वजह से हुई।

सभी मरीजों को दी गई थी यही सिरप

जम्मू में हेल्थ सर्विसेज की डायरेक्टर डॉ. रेनू शर्मा के मुताबिक, ये मौतें दिसंबर 2019 के आखिरी दिन और 17 जनवरी के बीच हुईं। बच्चों को किडनी की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी बच्चों की मौत में जो कॉमन बात थी कि सभी ने कोल्डबेस्ट पीसी सिरप का सेवन किया था।

सभी राज्यों से दवा मंगाई गई वापस

जांच में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, त्रिचिरापल्ली, शिलॉन्ग और त्रिपुरा में कोल्डबेस्ट सीरप की बिक्री होती है। फिलहाल सभी राज्यों में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है, इसके साथ ही इन सभी राज्यों से दवा वापस मंगाई गई है।

कंपनी ने नहीं दिया जवाब

यह दवा सिरमौर जिले की यूनिट में बनती है, वहां प्रोडक्शन रुकवा दिया गया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक डिजिटल विजन की एमडी कोनिक गोयल ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

पीजीआईएमईआर की रिपोर्ट का इंतजार

आगे के टेस्ट्स के लिए सिरप के सैंपल्स को जम्मू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन और चंडीगढ़ की रीजनल ड्रग्स टेस्टिंग लैबोरेट्री में भेजा गया है। पीजीआईएमईआर की रिपोर्ट में सिरप के भीतर डाइएथीलीन ग्लाइकोल मिला है, अब फाइनल रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।

काला अंब में दवाई बनाने वाली फैक्ट्री सील

हिमाचल प्रदेश के काला अंब में दवाई बनाने वाली फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि बैच नंबर-5201 की कोल्डबेस्ट-पीसी सिरप की बोतलें काला अंब की फैक्ट्री में बनी थी।