भोजपाल मेले में उमड़ रही भीड़, पसंद किया जा रहा सर्कस

भोजपाल मेले में उमड़ रही भीड़, पसंद किया जा रहा सर्कस

भोपाल भेल जनसेवा समिति भोपाल द्वारा भेल दशहरा मैदान पर भोजपाल महोत्सव मेला का आयोजन किया जा रहा है। 12 एकड़ में फैले इस मेले में करीब 500 दुकानें लगी है। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई है। मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र वैष्णो देवी की भव्य झांकी, लाल किले की तर्ज पर बनाए जाने वाला भव्य स्वागत द्वार, सांस्कृतिक मंच, ट्रेडिशनल सेल्फी जोन के साथ ही विभिन्न प्रदेशों के झूले बच्चों और बड़ों के लिए रोमांचक है। यह मेला सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक आयोजन का पारिवारिक संगम है। भोजपाल महोत्सव मेला के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि विगत तीन वर्षों से मेले का सफल आयोजन किया जा रहा है। 31 दिसम्बर तक चलने वाले इस मेले में राजधानी भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 12 से 15 लाख लोग शिरकत करते हैं। साथ ही मेले में एशियाड सर्कस का भी आगाज हुआ है। मेले में यह है खास: मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि लाल किले की तर्ज पर 200 फीट का मुख्य प्रवेश द्वार है। साथ ही माता वैष्णो देवी की 60 फीट ऊंची झांकी सजाई गई है। नार्थ इस्ट की थीम पर 60 बाय 80 फीट का मंच है। 30 दिसंबर को लकी ड्रा खोला जाएगा, जिसमें एक्टिवा, एलईडी टीवी, मोबाइल फोन सहित अन्य इनाम होंगे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे,जिसमें 8 दिसंबर को कव्वाली मुकाबला, 23 दिसंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न लोकनृत्य समूहों की प्रस्तुति, बॉलीवुड गानों की प्रस्तुति, आर्केस्ट्रा रॉकबैंड, समूहों की डांस प्रतियोगिताओं के साथ ही रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।

मेले में झूले बने मुख्य आकर्षण का केंद्र

मेले में सबसे बड़ा झूला टॉवर, रेंजर, आॅक्टोपस,  ब्रेक डांस, एरोप्लेन, मिनी ट्रेन , पिग्गी ट्रेन, कटर पिलर, फ्रीज व्हील, बड़ी नाव, ड्रेगन, टोरा-टोरा, चांद-तारा, बाउंसी, चाइना बाउंसी, वॉटर वोट, जम्पिंग, चकरी आकर्षक झूला स्विंग ईट, मौत का कुंआ, स्टाइकिंग कार, घोस्ट हाउस और रंग- बिरंगे कई झूलों का आनंद लें ।