125 सालों से डाबी परिवार बना रहा है राजस्थानी मोजड़ी

125 सालों से डाबी परिवार बना रहा है राजस्थानी मोजड़ी

भोपाल  लगभग 125 साल पहले डाबी परिवार के मुखिया बालू जी डाबी आए। राजस्थान से भोपाल लखेरापुरा में आए। यहां आकर इन्होंने और इनके परिवार ने अपने पुश्तैनी काम मोजड़ी बनाने का काम शुरु किया। नवाबी दौर से लेकर आज तक शहर के लिए यह मोजड़ी मार्केट में डाबी की शॉप लोगों की फेवरेट है। जहां वे अपनी पसंद की मोजड़ी डिजाइन करा सकते हैं। दूल्हें और दुल्हन के लिए 10 हजार की रेंज वाली नक्काशी वाली खास मोजड़ी भी खास है। बिजनेस में पूरा परिवार शामिल डाबी फुटवेयर्स के नाम से शहर भर में मशहूर मोजड़ी के बिजनेस को भगवानदास डाबी, आरती डाबी और उनका पूरा परिवार संचालित करता है। वे बताते हैं पहले नवाबों के लिए फिर जमींदारों के लिए खास मोजड़ी बनती थी। इसे पूर्व राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा, फिल्म अभिनेता रजा मुराद से लेकर भारत भवन में आने वाले देशी विदेशी कलाकार की पहली पसंद राजस्थानी मोजड़ी है।

रमजान पर देर रात तक खुलती है शॉप

भगवानदास डाबी ने बताया कि इन दिनों रमजान में सुबह से देर रात तक शॉप ओपन रहती है। पिछले सवा सौ सालों से हम लोगों को उनकी पसंद की मोजड़ी तैयार करके देते हैं। लेदर की मोजड़ी सबसे ज्यादा चलन में है। हमारी मोजड़ी दुबई, कतर, अरब कंट्रीज और यूएस में भी जाती है। वहां से आॅर्डर भी आते हैं। ईद के नजदीक आते-आते गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बने लखेरापुरा में मोजड़ी मार्केट में लोगों को उनकी पसंद की मोजड़ी, कोल्हापुरी चप्पल और सेंडल की विस्तृत रेंज मिलती है।