मोदी की नाराजगी के बाद भी प्रज्ञा ने संसद में गोडसे को ‘देशभक्त’ कहा

मोदी की नाराजगी के बाद भी प्रज्ञा ने संसद में गोडसे को ‘देशभक्त’ कहा

नई दिल्ली। भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ने एक बार फिर बापू के हत्यारे नाथूराम गोड्से को ‘देशभक्त’ करार दिया है। इस बार उन्होंने संसद में यह बात कही। इस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया। इससे पहले लोकसभा चुनावों के दौरान भी प्रज्ञा ने गोडसे को देशभक्त बताया था। इस पर पीएम मोदी को कहना पड़ा था कि वह प्रज्ञा को कभी दिल से माफ नहीं कर पाएंगे। साध्वी के ताजा बयान पर कांग्रेस ने कहा कि अब देश मोदी और भाजपा को कभी दिल से माफ नहीं कर पाएगा। 

दरअसल, बुधवार को लोकसभा में जब एसपीजी संशोधन बिल पर चर्चा हो रही थी, उसी दौरान डीएमके सांसद ए राजा गोड्से के एक बयान का हवाला दे रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा तो साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया। भाजपा सांसद ने कहा- ‘आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते।’डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि गोड्से ने खुद कबूला था कि 32 सालों से उसने गांधी के खिलाफ रंजिश पाल रखी थी और उसने उनकी हत्या का फैसला किया। राजा ने कहा कि गोड्से ने गांधी की हत्या इसलिए की कि वह एक खास विचारधारा को मानता था। 

विपक्ष विरोध कर रहा था, प्रज्ञा को मना रहे थे भाजपा सांसद

राजा के बयान के वक्त जब प्रज्ञा ने खड़े होकर उन्हें टोका तो विपक्षी सदस्य विरोध करने लगे। भाजपा के सदस्य भोपाल सांसद को बैठने के लिए मनाते हुए दिखे।

कल जवाब दूंगी : प्रज्ञा के बयान को लेकर जब संसद से बाहर पत्रकारों ने उनसे पूछा तो उन्होंने इस पर सफाई दी। प्रज्ञा ने कहा- ‘पहले उसको पूरा सुनिए, मैं कल जवाब दूंगी।’  

एंडरसन पर कांग्रेस को घेरा : प्रज्ञा

ने भोपाल गैस त्रासदी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गैस त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा- एंडरसन (1984 गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड का चेयरमैन) एक आतंकी के रूप में सामने आया। एक विदेशी यहां आता है, हजारों को मारता है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे भागने में मदद की। असल में यह आतंकवाद है।' 

प्रज्ञा को माफी न दें मोदी

भाजपा से देश अब यह जानना चाहता है कि वो गांधी जी के साथ है या गोडसे के साथ ? उन्हें अब यह स्पष्ट करना चाहिए। यदि वो गांधी जी के साथ हैं तो गांधी जी के हत्यारे को महिमा मंडित करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अविलंब भाजपा को करना चाहिए। - कमल नाथ, मुख्यमंत्री 

एसपीजी संशोधन बिल : शाह बोले-राहुल ने 2,137 बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया, अब इतना हंगामा क्यों ?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन बिल पेश किया। उन्होंने इसके प्रावाधानों को बताते हुए कहा कि संशोधन विधेयक के मुताबिक एसपीजी सुरक्षा प्रधानमंत्री और उनके परिजनों को ही दी जाएगी। इसके अलावा उनके उन परिजनों को भी यह सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, जो आधिकारिक तौर पर पीएम के साथ उनके आवास में रहते हों। पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी पद छोड़ने के बाद 5 साल तक एसपीजी सुरक्षा दी जाएगी। विधेयक पर चर्चा करते हुए कांग्रेस ने इस पर तीखे सवाल उठाए हैं। विपक्ष के सवालों पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी 2015 के बाद से अब तक 1892 बार दिल्ली में और 245 बार दिल्ली के बाहर एसपीजी सुरक्षा कवर के बिना गए। सोनिया गांधी, प्रियंका और राहुल गांधी पर कहा कि मैं इन तीनों महानुभावों से अपील करता हूं कि सीआरपीएफ की सुरक्षा अपने साथ में जरूर रखें। 

पद छोड़ने के बाद खत्म नहीं होता खतरा : मनीष तिवारी