सोए देव को उठाने में लगे भक्त, शंख-घड़ियाल बजाए

सोए देव को उठाने में लगे भक्त, शंख-घड़ियाल बजाए

ग्वालियर। चार्तुमास के बाद देव उठनी एकादशी पर भक्तगणों ने घर और मंदिरों में शंख, घड़ियाल बजाकर शयन कर रहे अपनेअ पने इष्ट देव को जगाया । भगवान के जागने के बाद सभी रुके हुए शुभ कार्य शुरू हो गए। कई जगह शुक्रवार को सालिगराम और तुलसी के विवाह की रस्म भी अदा की गई। इस रस्म के बाद ही हमारे और आपके घरों में शादी की रस्म भी शुरू हो गई है। देवोत्थान एकादशी पर भले ही वैवाहिक मुहूर्त न हो लेकिन यह अबूझ तिथि होने के कारण सामूहिक और एकल विवाह शुरू हो गए हैं। एकादशी पर कई भक्तगणों ने मंदिरों के बाहर लोगों को प्रसाद का वितरण भी किया। यह प्रसाद वितरण अचलेश्वर मंदिर, सनातन धर्म मंदिर और गिर्राज मंदिर पर किया गया है।

भगवान विट्ठल का हुआ अभिषेक

एकादशी पर शुक्रवार को दर्जीओली स्थित भगवान विट्ठल के मंदिर पर भगवान का अभिषेक किया गया। सिंधिया राजघराने के इस मंदिर में शाम पांच पालकी में सवार होकर उन्हें निकाला गया। नगर भ्रमण के दौरान उनका स्वागत भी हुआ। इस दौरान शाम को ढोलीबुआ महाराज की हरिकथा का भी वाचन किया गया।